बाल विवाह कानुनन अपराघ है—कमांडेट
किशनगंज/प्रतिनिधि
शनिवार को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को लेकर एसएसबी 12 बटालियन, किशनगंज कैंपस में राहत संस्थान और “Just Right for Children” के संयुक्त सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित एसएसबी के कमांडेंट ब्रजीत सिंह ने समाज में व्याप्त बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि “भारत को बाल विवाह मुक्त बनाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। जब तक समाज का प्रत्येक व्यक्ति शिक्षित और जागरूक नहीं होगा, तब तक इस घोर सामाजिक अपराध का अंत संभव नहीं है। शिक्षित समाज ही सही और गलत का अंतर समझते हुए अगली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य दे सकता है।”

कमांडेंट ने विशेष रूप से बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों का उल्लेख करते हुए अनुच्छेद 16(3) G तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुच्छेद 15 की व्याख्या की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून के अनुसार लड़की की शादी 18 वर्ष से कम और लड़के की 21 वर्ष से कम आयु में किसी भी परिस्थिति में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी जवानों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाकर समाज को बाल विवाह की गंभीरता से अवगत कराएँ।

कार्यक्रम के दौरान कमांडेंट श्री सिंह ने उपस्थित महिला एवं पुरुष जवानों को शपथ भी दिलाई कि वे बाल विवाह रोकथाम अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएँगे तथा किसी भी प्रकार की बाल विवाह की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
इस अवसर पर राहत संस्था की सचिव डॉ. फ़रज़ाना बेगम ने भी विस्तृत रूप से बाल विवाह रोकथाम के लिए आवश्यक विभिन्न उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज के सभी घटकों—परिवार, स्कूल, पंचायत, स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं—को मिलकर काम करना होगा। तभी संदेश तेज़ी से देश के हर कोने तक पहुँच सकेगा और भारत को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य साकार हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि गरीबी, अशिक्षा, सामाजिक दबाव और पुरानी मान्यताएँ बाल विवाह के प्रमुख कारण हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सामुदायिक जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। डॉ. फ़रज़ाना ने सभी से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारी समझते हुए लड़कियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें तथा समाज में समानता और सुरक्षित भविष्य की सोच को मजबूत करें।कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और उपस्थित सभी लोगों ने बाल विवाह के विरुद्ध सशक्त अभियान चलाने का संकल्प लिया।




























