भारत – नेपाल सीमा पर एस एस बी की कारवाई,बचाई गई 16 वर्षीय नाबालिग युवती,एक गिरफ्तार

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नक्सलबाड़ी/प्रतिनिधि

भारत – नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 41वीं वाहिनी की सी कंपनी पानीटंकी के जवानों ने रविवार देर शाम एक 16 वर्षीय नाबालिग युवती को मानव तस्करी गिरोह से बचा लिया गया। इस संबंध में एक आरोपित को भी हिरासत लिया है।आरोपी की पहचान संदेश राय नेपाल के झापा निवास के रूप में हुई है। जबकि नाबालिग असम राज्य की निवासी बताई गई है।

एसएसबी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में नाबालिग ने एसएसबी को बताया कि संदेश राय उसे बैंगलोर से गया था और उससे शादी का वादा किया था। नाबालिग बैंगलोर में अपने भाई के साथ रहती है और एक होटल में नौकरानी का काम करती थी। इसके बाद नाबालिग लड़की और संदेश राय दोनों साथ 14 अगस्त की रात 11 बजे बैंगलोर से ट्रेन से नेपाल के लिए रवाना हुए और 16 अगस्त की रात 11:30 बजे एनजेपी रेलवे स्टेशन पहुंचे । इसके बाद एनजेपी के पास ग्रुंग होटल में रात भर रुके।

संदेश राय के अनुसार वह उनके रिश्तेदार का होटल था। इसके बाद 17 अगस्त को नेपाल जाने की कोशिश कर रहे थे।सीमा स्तंभ संख्या 90 से लगभग 200 मीटर दूर, भारतीय उसी दौरान एसएसबी जवानों ने सीमा में पुराने बीआईटी पानीटंकी पुल पर नियमित जांच के दौरान पकड़ लिया। बाद में एसएसबी ने बचाई गई नाबालिग और आरोपित को खोरीबाड़ी पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस आगे की जांच कर रही है। गौरतलब है कि बीते एक अगस्त को 41वीं वाहिनी की सी कंपनी पानीटंकी के जवानों ने सात युवतियों को मानव तस्करी गिरोह से बचाया था। इसमें एक युवती नाबालिग बताई गई। इस मामले में एसएसबी ने दो तस्कर जापान गुरुंग और दीपेश गुरुंग को अपने हिरासत में लिया था। जापान गुरुंग नेपाल का निवासी और दीपेश गुरुंग नक्सलबाड़ी थाना क्षेत्र का निवासी बताया गया था।

दोनों तस्कर सातों युवतियों को पासपोर्ट बनाकर हांगकांग भेजने की तैयारी में थे,लेकिन एसएसबी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। इसके बाद इसी सीमा से जवानों ने 22 जुलाई को एक 16 वर्षीय नाबालिग को मानव तस्करी गिरोह से बचाया था। इस मामले में एसएसबी ने एक मां – बेटा नेपाली नागरिकों को अपने हिरासत में भी लिया था। दोनों मां – बेटा उक्त 16 वर्षीय नाबालिग को मानव तस्करी के उद्देश्य से जबरन नेपाल से भारत के अरुणाचल प्रदेश ले जा रहे थे। लेकिन एसएसबी ने इससे पहले ही पकड़ लिया।

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