नेपाल /काठमांडू
नेपाल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को कम्युनिस्ट पार्टी से हटा दिया गया है साथ ही उनकी सदस्यता भी रद्द कर दी गई है।बता दे कि बीते कई महीने से प्रधानमंत्री ओली और प्रचंड के बीच मतभेद चल रहे थे और श्री ओली ने बीते महीने अचानक ही संसद भंग करने की घोषणा कर सबको चौका दिया था ।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक स्प्लिन्टर समूह के प्रवक्ता नारायण काजी श्रेष्ठ ने इसकी पुष्टि की है। बता दें कि ओली के खिलाफ पार्टी में काफी समय से बगावत के सुर बुलंद हो रहे थे।
इससे पहले एनसीपी के अलग गुट के नेता पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने शुक्रवार को राजधानी काठमांडो में एक बड़ी सरकार विरोधी रैली निकाली थी। इस रैली में उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली द्वारा संसद को अवैध तरीके भंग किए जाने से देश की संघीय लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा था कि ओली ने न केवल पार्टी के संविधान और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया है बल्कि नेपाल के संविधान की मर्यादा को भी क्षति पहुंचाई है और लोकतांत्रिक प्रणाली के विरुद्ध काम किया है।