विजय कुमार साह/टेढ़ागाछ
टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। बुधवार रात्रि को करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद क्षेत्र की बिजली जो कटी, वह अगले 15 घंटों से भी अधिक समय तक गायब रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है। बिजली विभाग का रवैया ऐसा हो गया है कि आसमान में बादल छाने या हल्की बूंदाबांदी होने मात्र से ही पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी जाती है।
बुधवार रात भी यही हुआ; मात्र एक घंटे की सामान्य बारिश के कारण लोगों को पूरी रात और अगले दिन का आधा हिस्सा बगैर बिजली के गुजारना पड़ा । इस भीषण कटौती के कारण ग्रामीणों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है l ग्रामीण इलाकों में अचानक बारिश के बाद सांप और अन्य जहरीले जीव बाहर निकल आते हैं। अंधेरा होने के कारण जान-माल का खतरा बना रहता है। परीक्षाओं और पढ़ाई के समय बिजली न होने से छात्रों को दीये या मोमबत्ती के सहारे बैठना पड़ता है, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है।
मोबाइल चार्जिंग से लेकर पानी की मोटर और छोटे व्यवसायों तक, बिजली पर निर्भर रहने वाले सभी कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए।क्षेत्र के नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों को बार-बार सूचित करने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। हल्की हवा या बारिश में घंटों बिजली गुल रहना अब टेढ़ागाछ में आम हो गया है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और विभाग के वरीय अधिकारियों से मांग की है कि जर्जर तारों और तकनीकी खामियों को जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके।



























