मुरलीधर झा/दिघलबैंक
पशुपालकों को बीमार पशुओं के उपचार के लिए परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए दिघलबैंक प्रखंड क्षेत्र में मोबाइल वेटरनरी यूनिट (एमवीयू) के माध्यम से आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराना और पशुपालकों को उनके घर के नजदीक ही पशु चिकित्सा सुविधा मुहैया कराना है।
इसी अभियान के तहत गुरुवार को दिघलबैंक प्रखंड के दिघलबैंक, इकड़ा पंचायत सहित अन्य क्षेत्रों में मोबाइल पशु चिकित्सा टीम ने पहुंचकर पशुओं का उपचार किया। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित इस सेवा से पशुपालकों को सहूलियत मिल रही है। खासकर उन पशुपालकों को इसका लाभ मिल रहा है, जिन्हें बीमार पशुओं को लेकर पशु चिकित्सालय तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
एमवीयू के माध्यम से बीमार पशुओं की जांच, प्राथमिक उपचार और आवश्यक पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल करने और पशुपालकों की समस्याओं के समाधान में मदद मिल रही है।
वहीं, प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय दिघलबैंक की ओर से भी रूट प्लान के तहत भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जीवन कुमार सिंह के दिशा-निर्देश पर विभिन्न गांवों में शिविर लगाकर पशुओं का उपचार किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
पशुओं के बीमार होने या आपातकालीन पशु चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ने पर पशुपालक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1962 पर संपर्क कर सकते हैं। इस नंबर के माध्यम से मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
गुरुवार को आयोजित सेवा अभियान के दौरान पशु चिकित्सक डॉ. तुषार, पारावेट सुभाष कुमार एवं वाहन चालक दीपेन्द्र कुमार मौजूद रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा और गांव-गांव शिविरों के आयोजन से पशुपालकों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।