किशनगंज:नवनियुक्त प्रधान शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कराने, मूल वेतन में सम्मानजनक वृद्धि तथा लंबित एरियर भुगतान की मांग को लेकर रविवार को प्रधान शिक्षक विक्रम मिश्रा की अध्यक्षता में एक शिष्टमंडल ने बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल से शिष्टाचार मुलाकात की।
शिष्टमंडल ने मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि बिहार के नवनियुक्त प्रधान शिक्षक पिछले एक वर्ष से पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन, शैक्षणिक गुणवत्ता और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके बावजूद अधिकांश प्रधान शिक्षक आज भी अपने से कनिष्ठ शिक्षकों की तुलना में कम वेतन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उनमें असंतोष व्याप्त है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि विज्ञापन संख्या 04/2022 के तहत प्रधान शिक्षकों का मूल वेतन वर्ष 2022 में 30,500 रुपये निर्धारित किया गया था। बाद के वर्षों में कनिष्ठ शिक्षकों को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ मिलता रहा, जबकि प्रधान शिक्षकों का वेतन समय पर निर्धारित नहीं होने के कारण अनेक स्थानों पर कनिष्ठ शिक्षकों का वेतन प्रधान शिक्षकों से अधिक हो गया है, जो पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
ज्ञापन के माध्यम से शिष्टमंडल ने मांग की कि प्रधान शिक्षकों के मूल वेतन में उनके पद एवं दायित्व के अनुरूप वृद्धि की जाए, विशिष्ट शिक्षक से प्रधान शिक्षक पद पर नियुक्ति की तिथि से लंबित एरियर की गणना कर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा वेतन निर्धारण से संबंधित सभी विसंगतियों का स्थायी समाधान किया जाए।
मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने शिष्टमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि मामले को शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री के समक्ष उठाकर आवश्यक पहल की जाएगी।
इस अवसर पर प्रधान शिक्षक शमीम अख्तर, संजय कुमार, संदीप पाल एवं चंदन कुमार चौधरी सहित अन्य प्रधान शिक्षक उपस्थित थे।



























