किशनगंज/विजय कुमार साह
भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (एसबीआई आरसेटी), किशनगंज में आयोजित डेयरी फार्मिंग एवं वर्मी कम्पोस्ट निर्माण संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर कुल 30 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आवश्यक तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना था।समापन समारोह में जीविका के प्रतिनिधि सुमन झा एवं श्री भीसब प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उन्होंने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि डेयरी फार्मिंग और वर्मी कम्पोस्ट जैसे व्यवसाय ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय का सशक्त माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षुओं से आधुनिक तकनीकों को अपनाने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर सफल उद्यम स्थापित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसबीआई आरसेटी, किशनगंज के निदेशक सुजीत कुमार दास ने की। उन्होंने कहा कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य सीखे गए कौशल को व्यवहार में लाकर रोजगार सृजित करना और दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनना है।
उन्होंने प्रशिक्षुओं को आत्मविश्वास के साथ स्वरोजगार शुरू करने तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।समारोह में प्रशिक्षुओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए प्रशिक्षण को उपयोगी एवं रोजगारपरक बताया। इस अवसर पर संस्थान के फैकल्टी सुभाष कुमार मंडल, अजमल यज़दानी, रविन्द्र कुमार, पंकज कुमार सहित एसबीआई आरसेटी, किशनगंज के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।


























