ज्येष्ठ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी,सुख शांति और संवृद्धि का माँगा आशीर्वाद

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ज्येष्ठ पूर्णिमा पर गंगा स्नान का है विशेष धार्मिक महत्व

 

मनिहारी /कटिहार – मनिहारी गंगातट पर सोमवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा के मौके पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगायी। ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर गंगा स्नान का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा एवं आस्था के साथ पवित्र गंगा में स्नान, दान और पूजा-अर्चना करने से मनुष्य के पापों का नाश होता है तथा सुख, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

 

 

बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रातःकाल गंगा तटों पर पहुंचकर स्नान कर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया, मां गंगा की विधिवत पूजा अर्चना की । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा पर जलदान, अन्नदान वस्त्रदान तथा जरूरतमंदों की सेवा का भी विशेष पुण्य फल मिलता है।

 

 

इस अवसर पर श्रद्धालु अपने पूर्वजों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए पूजा-पाठ एवं दान-पुण्य करते हैं। मंदिरों और गंगा घाटों पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही तथा भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।

 

 

धर्माचार्यों के अनुसार गंगा स्नान केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का संदेश भी देता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर गंगा स्नान और दान-पुण्य की यह परंपरा भारतीय संस्कृति की सनातन आस्था और लोककल्याण की भावना को सुदृढ़ करती है।

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