पत्रकारिता के नाम पर दलाली करने वालों की अब खैर नहीं! दलाल पत्रकारों को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे: प्रवीण गोविन्द

SHARE:

न्यूज लेमनचूस, पटना/किशनगंज/सुपौल।

“हम वो चुभते हुए सवाल पूछते हैं, जिनसे दलाल और बिकाऊ पत्रकारों की रातों की नींद हराम हो गई है!” वॉयस ऑफ मीडिया (Voice of Media) और वॉयस ऑफ मीडिया इंटरनेशनल के नवनियुक्त कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सह महासचिव और ‘वन मैन आर्मी’ के नाम से मशहूर वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण गोविन्द ने पदभार ग्रहण करते ही चाटुकार पत्रकारों के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है।

उन्होंने दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा कि सच्चे पत्रकारों के जज्बे को हम सलाम करते हैं, लेकिन पत्रकारिता की आड़ में दलाली का धंधा चलाने वाले इन सफेदपोश गुंडों पर अब बर्बर नकेल कसी जाएगी। सुपौल में मुट्ठी भर सच्चे पत्रकार बचे हैं, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे भी इस पनपती हुई सड़ांध पर मौन हैं। अब वक्त आ गया है कि असली पत्रकार अपने मतभेद भूलकर इन दलालों को खदेड़ने के लिए एक हों!

दलाल पत्रकारों पर तीखा प्रहार

श्री गोविन्द ने भ्रष्ट मीडियाकर्मियों पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज दलाल पत्रकार, पत्रकारों के कम और भ्रष्ट अधिकारियों के तलवे चाटने वाले ज्यादा बन गए हैं। इन दलालों ने पत्रकारिता जैसे पवित्र पेशे को कलंकित कर दिया है।

गिद्धों की तरह मंडराते हैं दलाल: सुपौल में दलाल पत्रकारों का एक संगठित गैंग चल रहा है। ये चील-कौवों और गिद्धों की तरह कहीं भी मंडराते हुए देखे जा सकते हैं। याद रखिए, पत्रकार कभी दलाल नहीं हो सकता और एक दलाल कभी पत्रकार नहीं हो सकता!

अधिकारियों की फेंकी ‘बोटी’ पर पल रहे हैं: आज कुछ अधिकारियों ने पत्रकारों को सम्मान देना इसलिए बंद कर दिया है क्योंकि उनके इर्द-गिर्द इन चाटुकारों की फौज खड़ी है। पीत पत्रकारिता करने वाला यह झुंड पुलिस-प्रशासन की चमचागिरी करने, अस्पताल की दलाली खाने और अधिकारियों द्वारा फेंकी गई ‘बोटी’ नोचने में ही अपनी शान समझता है।

पशु तस्करों के गुर्गे बने तथाकथित पत्रकार:बसे शर्मनाक यह है कि कुछ दलाल सिर्फ अस्पताल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पशु तस्करों की गाड़ियां पास कराने का ठेका ले रहे हैं! ‘प्रेस’ का बोर्ड लगी गाड़ियों में बैठकर ये दलाल तस्करों के ट्रकों को एस्कॉर्ट कर रहे हैं। यह घोर अपराध और जांच का विषय है!

प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप्स में घुसी गंदगी: बेशर्मी की हद तो यह है कि जिला प्रशासन के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप्स में भी ये फर्जी और दलाल पत्रकार घुसे बैठे हैं। प्रशासन को तुरंत इनकी शिनाख्त कर इन्हें लात मारकर बाहर करना चाहिए और इन पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

निर्णायक महासंग्राम का ऐलान

श्री गोविन्द ने गरजते हुए कहा कि जहां से ‘लक्ष्मी’ मिलती है, ये दलाल वहीं नतमस्तक होकर चरण चूमने लगते हैं। आज जिसे अपना नाम भी ठीक से लिखना नहीं आता, वो भी खुद को ‘पत्रकार’ बताकर गाड़ियों पर रौब झाड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया, “हम हाथ पर हाथ धरकर चुप बैठने वाले कायर नहीं हैं! पत्रकारिता में घुसी इस गंदगी को हम साफ करके रहेंगे।” उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही वॉयस ऑफ मीडिया, बिहार के मुख्य अध्यक्ष राजेश दुबे से विमर्श कर इन दलाल पत्रकारों के खिलाफ एक निर्णायक और ऐतिहासिक महासंग्राम का शंखनाद किया जाएगा। दलालों को मीडिया से उखाड़ फेंकने का वक्त अब आ गया है!

Leave a comment

सबसे ज्यादा पड़ गई