कोचाधामन (किशनगंज) सरफराज आलम
प्रखंड के पुरन्दाह पंचायत के नदी पार पश्चिम पुरन्दाह स्थित कनकई नदी पर पूल नहीं होने से लोगों को काफी पीड़ा झेलना पड़ता। स्थानीय लोगों का कहना है कि
पुल नहीं होने से यहां लोग साल के आठ महीना बांस बल्ली से बनी चचरी पुल के सहारे ही आना जाना करते हैं।जबकि बारिश के दिनों में चार महीना लोग नौका पर सवार होकर कनकई नदी पार करते हैं।
यही नहीं कनकई नदी से पूरब जानिब गांव की ओर जाने के लिए सड़क सुविधा का भी अभाव है।लोग खेत एवं मेढ़ होकर कनकई नदी के घाट तक पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने कई दफा पुल निर्माण की मांग को लेकर आवाज भी बुलंद किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।स्थानीय शत्रुघ्न मंडल ,जय मंडल, सतीश मंडल इत्यादि ने कहा कि पश्चिम पुरन्दाह गांव में एक हजार से अधिक परिवार आबाद है।
यह गांव अररिया जिला की सीमा को छूती है।गांव के निकट एवं पूरब होकर कनकई नदी बहती है जो गांव को पुरन्दाह पंचायत के अन्य गांव एवं टोले समेत प्रखंड मुख्यालय कोचाधामन से अलग थलग कर देती है। हर साल गांव के लोगों के द्वारा कनकई नदी पर एक लंबी चुचरी पुल का निर्माण कराया जाता है और इसी चचरी पुल के सहारे गांव के लोग पंचायत कार्यालय पुरन्दाह और प्रखंड मुख्यालय कोचाधामन या जिला मुख्यालय किशनगंज आते जाते हैं।
नदी में पुल नहीं होने से बरसात के दिनों में लोगों को पंचायत मुख्यालय पुरन्दाह जाने के लिए अररिया जिले के खूटटी चौक होकर करीब 10 किलोमीटर अधिक दूरी तय करना पड़ता है। जबकि प्रखंड मुख्यालय जाने के लिए लोगों को करीब 12 से 15 किलोमीटर की अधिक दूरी तय करना पड़ता है। पंचायत के वार्ड सदस्य ब्रह्मदेव मंडल ने बताया कि गांव में आने जाने का सही साधन नहीं होने से सांसद,विधायक या प्रशासनिक अधिकारी भी गांव में दस्तक नहीं देते हैं।
जिससे गांव के लोग अपने आप को उपेक्षित महसूस करते हैं।अगर यहां पुल का निर्माण हो जाए तो लोग सीधे पंचायत कार्यालय पुरन्दाह और प्रखंड मुख्यालय कोचाधामन से जुड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में जब कनकई नदी उफान पर होती है तो उस समय आवागमन बंद रहता है। नदी का जलस्तर घटने पर ही नौका के सहारे लोग जान हथेली पर रखकर नदी पार करते हैं। साल के आठ महीना चचरी (बांस बल्ली) से बनी अस्थाई पुल लोगों को राहत देती है। लेकिन इस बार डाक (बीट) नहीं होने से न चचरी पुल बना और प्रशासन की ओर से नौका भी उपलब्ध नहीं कराया गया है।


























