पटना:
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को लोक सेवक आवास में पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय योजनाओं, छात्र कल्याण कार्यक्रमों तथा विभिन्न विकासात्मक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉपर विद्यार्थियों को परीक्षाफल घोषित होने के तुरंत बाद सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन मिल सके।
उन्होंने यह भी निर्णय लिया कि बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) तथा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में सफल बिहार के अभ्यर्थियों को उनके अभिभावकों सहित सामूहिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं का सम्मान समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने विद्यालयों एवं छात्रावासों में नामांकित पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं तथा उनके अभिभावकों की समस्याओं, सुझावों और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने का निर्देश भी दिया।
इसके अलावा विभागीय योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, सामाजिक न्याय और युवा सशक्तिकरण के माध्यम से समावेशी, आत्मनिर्भर एवं विकसित बिहार के निर्माण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से जनहित की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

























