नल तो लगे हैं, लेकिन पानी नहीं, स्वास्थ्य भवन निर्माण में भूमि विवाद ने फंसाया पेंच
रणविजय /पौआखाली:
एक ओर राज्य सरकार महादलित मिशन के तहत महादलित टोलों के उत्थान के लिए योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, तो वहीं ठाकुरगंज प्रखंड की रसिया पंचायत के वार्ड संख्या 04 स्थित महादलित टोला आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. टोले में नल-जल योजना पूरी तरह विफल साबित हो रही है. सरकारी नल तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है.
ऐसे में ग्रामीणों ने अपनी आवश्यकता पूरी करने के लिए निजी खर्च पर चापाकल लगवा रखे हैं और उन्हीं के सहारे पेयजल की व्यवस्था कर रहे हैं. वहीं, टोले में स्थित दशकों पुराने स्वास्थ्य भवन को करीब नौ माह पूर्व जर्जर अवस्था के कारण ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन अब तक नए भवन के निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य भवन की जमीन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है.
स्थानीय स्तर पर एक परिवार द्वारा उक्त भूमि पर निजी स्वामित्व का दावा किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि भूमि पूर्व में राज्यपाल के नाम से निबंधित नहीं है. ग्रामीणों के अनुसार कई बार संवेदक एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे, लेकिन विरोध के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका. इसके अलावा महादलित टोला में बनने वाला चबूतरा का भी निर्माण कार्य पिछले एक वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है. निर्माण कार्य बंद होने के कारणों की स्पष्ट जानकारी किसी के पास नहीं है.
टोला निवासी जयनारायण राय ने बताया कि सरकार महादलितों के उत्थान के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है. उन्होंने कहा कि टोले में स्वास्थ्य केंद्र, चबूतरे का निर्माण तथा शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की सख्त आवश्यकता है.
वहीं, रसिया पंचायत के पैक्स अध्यक्ष सह भाजपा नेता नरेश कुमार गणेश ने कहा कि जिला प्रशासन इन सभी कमियों को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठावें, ताकि महादलित टोला के लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके.

























