भारी बारिश से धंसे पुल की हुई मरम्मत, छोटे वाहनों का आवागमन बहाल; स्थायी समाधान की उठी मांग

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मो मुर्तुजा/ठाकुरगंज (किशनगंज)।

बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण ठाकुरगंज-मुरालीगच्छ मुख्य मार्ग पर मानिकपुर के समीप धंसे पुल की प्रशासन द्वारा तत्काल मरम्मत करा दी गई है। मरम्मत के बाद छोटे वाहनों का आवागमन फिर से शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली है। हालांकि भारी वाहनों और स्कूली बसों के लिए यह मार्ग अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा रहा है, जिससे किसानों, वाहन चालकों और ग्रामीणों की चिंताएं बरकरार हैं।


स्थानीय लोगों के अनुसार लगातार हुई बारिश के कारण पुल का एक हिस्सा धंस गया था, जिसके चलते इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था। सूचना मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर छोटे वाहनों के लिए रास्ता बहाल कर दिया। लेकिन मरम्मत कार्य को अस्थायी बताते हुए ग्रामीणों ने पुल की मजबूती पर सवाल उठाए हैं।


यह मार्ग क्षेत्र के किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान अनानास, चाय, मक्का सहित अन्य कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर और मालवाहक वाहनों का उपयोग करते हैं। इसके अलावा ईंट और बालू लदे भारी वाहन भी इसी सड़क से गुजरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान मरम्मत किए गए हिस्से पर अधिक भार पड़ने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।


ग्रामीणों की चिंता का एक बड़ा कारण इस मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाली स्कूली बसें भी हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि पुल की स्थायी और मजबूत मरम्मत जल्द नहीं कराई गई तो बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।


ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने संबंधित विभाग से पुल का तकनीकी निरीक्षण कर शीघ्र स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा। बरसात के मौसम को देखते हुए पुल को पूरी तरह सुरक्षित बनाना आवश्यक है, ताकि किसानों, विद्यार्थियों और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी या दुर्घटना का सामना न करना पड़े।


इस संबंध में स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों, जिनमें राजद नेता मुस्ताक आलम, शब्बीर आलम तथा पूर्व मुखिया मोहन लाल सिंह शामिल हैं, ने मांग की है कि पुल का समुचित और स्थायी निर्माण होने तक वैकल्पिक डाइवर्सन मार्ग बनाया जाए। उनका कहना है कि इससे भारी वाहनों की आवाजाही सुचारु रूप से जारी रहेगी और क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था पूर्ववत बनी रहेगी।

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