पिछले दिनों नाबालिक बालक तथा बालिका का जबरन शादी तथा बालक का आधा सिर्फ मुड़वाने की घटना की जांच भी की गई
कटिहार – बाल कल्याण समिति प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की पीठ कटिहार की ओर से गंगा नदी के उस पार घाट टोला गोबराही दियारा पंचायत दक्षिणी मुरादपुर प्रखंड कुर्सेला कटिहार पहुंचकर पिछले दिनों जो नाबालिक बालक तथा बालिका का जबरन शादी तथा बालक का आधा सिर्फ मुड़वाने की घटना घटित हुई थी।
इस घटना के सोशल मीडिया पर वायरल होने के साथ समाचार प्रकाशित हुआ था। समाचार प्रकाशित होने पर समिति ने संज्ञान लेते हुए मामले का प्राथमिक दर्ज करवाया था। वर्तमान में बालक एवं बालिका दोनों समिति के आदेश से बालगृह तथा बालिका गृह में अवस्थित है। उक्त बालक तथा बालिका के सुरक्षित परिवार में पुनर्वासन हेतु जांच पड़ताल के लिए समिति गोबराही दियारा पहुंची थी ।

बाल कल्याण समिति कटिहार के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में समिति के सदस्य अरुण कुमार चौबे, सहायक संजय ठाकुर तथा समिति के आदेश से बच्चों के कल्याण हेतु कार्यरत सामाजिक संस्था अभिलाषा परिवार स्वयंसेवी संस्था के कुर्सेला तथा समेली के प्रखंड समन्वयक विनोद कुमार पोद्दार इस जांच पड़ताल में शामिल थे।
समिति द्वारा स्थानीय ग्रामीणों तथा परिवार वालों से मिलकर वस्तु स्थिति समझने तथा बालक एवं बालिका के सुरक्षित परिवार में पुनर्वासन हेतु विभिन्न बिंदुओं पर गहनता पूर्वक जांच पड़ताल किया गया। घाट टोला गोबराही दियारा में मूल रूप से जिला के कुरसेला प्रखंड के दक्षिणी मुरादपुर पंचायत के वार्ड नंबर 6,7 एवं 8 के लोग निवास करते हैं। वर्तमान में यहां पहुंचने के लिए कुरसेला से गंगा नदी पार कर 6 – 7 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है ।
मूल रूप से तीनों वार्ड 6,7,8 गांधी घर बिंद टोला कुर्सेला में स्थित है वहीं के ये लोग मूल निवासी हैं जो अपने मुख्य आजीविका खेती के लिए यहां पर निवास करते हैं। वर्तमान में घाट टोला गोबराही दियारा में स्थानीय लोगों धर्मेंद्र कुमार महतो, कौशल्या देवी, गुंजन कुमारी, सोनू कुमार महतो, संतोष कुमार ,अवधेश महतो, रेखा देवी इत्यादि के अनुसार लगभग 2000 लोग निवास करते हैं और लगभग 400 घर यहां पर अवस्थित है मूल रूप से खेती इनके आजीविका का मूल साधन है। बच्चों के लिए एक नया प्राथमिक विद्यालय 2010 में स्थापित किया गया है। जिसमें 129 छात्र/छात्राएं नामांकित हैं।
लेकिन वर्ग 5 के बाद अधिकांश बच्चों का पढ़ाई छूट जाता है। क्योंकि 5 वर्ग के बाद नदी पारकर लगभग 8 किलोमीटर दूर स्कूल अवस्थित है तथा आने जाने का कोई समुचित साधन नहीं है अतः बच्चों के पढ़ाई हेतु नया प्राथमिक विद्यालय मुरादपुर दियारा को उत्क्रमित करने की आवश्यकता है ताकि वर्ग पांच के बाद भी बच्चों का पढ़ाई जारी रह सके, जिसके लिए बाल कल्याण समिति कटिहार के द्वारा जिला पदाधिकारी कटिहार को पत्र प्रेषित करने का निर्णय लिया गया है । ग्रामीणों के अनुसार गांव में डॉक्टर, आशा, एएनएम इत्यादि भी नहीं है ।
बच्चों के टीकाकरण हेतु समय पर नर्स एएनएम नहीं आती है दो माह पूर्व अप्रैल 2026 में टीकाकरण के लिए टीम आई थी। लेकिन उसके बाद आज तक कोई यहां पर टीकाकरण के लिए नहीं आया है। जिस कारण समय पर बच्चों को जो जीवन रक्षक टीकाकरण होना चाहिए वह नहीं हो पाता है, जब यह टीम आती है, समय बीत चुका होता है ,तब भी यह उसी समय, समय बीतने के बावजूद टीकाकरण कर देती है ।
कई ग्रामीणों ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टर के भरोसे उनका इलाज चलता है। क्योंकि आकस्मिक कोई घटना या बीमार होने पर कोई दूसरा साधन नहीं रहने के कारण ।कई बार गर्भवती माता का जान भी चला गया है और संस्थागत प्रसव का कोई साधन नहीं होने के कारण अधिकांश प्रसव अभी भी घर में ही कराया जाता है तथा गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र भी होना चाहिए ताकि समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध बच्चों एवं ग्रामीणों को हो सके। जिसके लिए भी पत्र जिला पदाधिकारी को देने का निर्णय समिति द्वारा लिया गया ।
गांव में पशु चिकित्सा के भी सुविधा नहीं है । गांव में बिजली नहीं है,सौर ऊर्जा का पोल लगा हुआ है जो भी 2 वर्ष से लगभग बंद की स्थिति में है। जिस कारण से बिजली की व्यवस्था गांव में उपलब्ध नहीं है । गांव में लगभग 400 परिवार निवास करते हैं जिसमें एक भी घर में शौचालय उपलब्ध नहीं है, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी अभी तक गांव में नहीं हो पाई है दो जगह अर्ध निर्मित जल मीनार दिखाई पड़े परंतु अब तक हर घर नल जल योजना का लाभ यहां नहीं मिल रहा है, इसके लिए भी समिति द्वारा पत्र प्रेषित करने का निर्णय लिया ।ग्रामीणों के अनुसार लगभग 100 बच्चे 6 वर्ष से कम उम्र के यहां पर निवास करते हैं। समिति द्वारा जो 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हैं उनके लिए आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित करने के लिए जिला पदाधिकारी कटिहार को पत्र प्रेषित करने का निर्णय लिया गया।


























