किशनगंज /विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ प्रखंड के कालपीर पंचायत अंतर्गत भेलागुड़ी कनकई नदी पर बना चचरी पुल ध्वस्त हो जाने से क्षेत्र के हजारों लोगों की परेशानी बढ़ गई है। यह पुल स्थानीय ग्रामीणों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन था, जिसके टूट जाने से बीबीगंज सहित आसपास के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों को अब प्रखंड मुख्यालय टेढ़ागाछ पहुंचने के लिए करीब 40 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र के कई गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
बरसात के मौसम में कनकई नदी उफान पर रहती है, जिससे आवागमन और भी कठिन हो जाता है। कभी नाव तो कभी चचरी पुल के सहारे लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सरकारी कार्यों के लिए नदी पार करनी पड़ती है।
ग्रामीणों ने बताया कि चचरी पुल ध्वस्त होने के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और आम लोगों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन गया है। कई बार लोगों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन और सरकार से कनकई नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि स्थायी पुल बनने से क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी, विकास को गति मिलेगी तथा वर्षों से चली आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान हो सकेगा।



























