किशनगंज के मौलाना की बरेली में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, कैंडल मार्च निकाल कर किया गया विरोध प्रदर्शन

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जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जताया आक्रोश

50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग

किशनगंज /प्रतिनिधि

उत्तर प्रदेश के बरेली कैंट के समीप संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौलाना तौसीफ रजा की मौत को लेकर अब सियासी हलचल तेज हो गई है। किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड क्षेत्र के निवासी मौलाना तौसीफ रजा की मौत की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। घटना के विरोध में गुरुवार की शाम ठाकुरगंज के युवाओं द्वारा कैंडल मार्च निकालकर न्याय की मांग की गई।बता दे कि कैंडल मार्च ठाकुरगंज जामा मस्जिद से शुरू होकर डीडीसी मार्केट तक निकाला गया।


गौरतलब हो कि बीते दिनों मौलाना तौसीफ रजा मजहरी उर्स से लौट रहे थे इसी दौरान कुछ लोगो के साथ ट्रेन में विवाद हुआ था जिसके बाद उनका शव बरेली कैंट स्टेशन के निकट से बरामद किया गया था।इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मार्च के दौरान “हत्यारों को फांसी दो” जैसे नारों से पूरा ठाकुरगंज गूंज उठा।

प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि जब तक मौलाना तौसीफ को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कैंडल मार्च में AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान,विद्यायक सरवर आलम,पूर्व प्रमुख मुस्ताक आलम ने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की।

वही सामाजिक कार्यकर्ता डॉ आसिफ सईद ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने बिहार सरकार और उत्तर प्रदेश प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।

जबकि ठाकुरगंज नगर पंचायत के मुख्य पार्षद श्रीकृष्णा सिंह उर्फ सिकंदर पटेल ने कहा कि यह घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। जुलूस में मजलिस पार्टी के नेता ग़ुलाम हसनैन,जिला परिषद सदस्य फैजान अहमद सहित सैकड़ो लोग मौजूद थे।

सबसे ज्यादा पड़ गई
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