धूमधाम से मनाया गया बांग्ला नववर्ष, माता के मंदिर में भक्तों ने टेका माथा

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पौआखाली/रणविजय


बंगाली समुदाय के प्रमुख त्योहार पोइला बैसाख यानी बांग्ला नववर्ष बुधवार को पूरे क्षेत्र में हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया. नए साल के आगमन पर चारों ओर उत्सव का माहौल रहा, जहाँ लोगों ने पुरानी यादों को विदा कर नई उम्मीदों के साथ नए साल का स्वागत किया. लोगों ने परंपराओं का निर्वहन और बड़ों का आशीर्वाद से दिन की शुरुआत की.

सुबह स्नान-ध्यान के बाद घर के बच्चों और युवाओं ने अपने से बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया. इसके बाद परिवार संग मंदिरों में जाकर भगवान की पूजा-अर्चना की और नए साल में सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की. अपनी गौरवशाली परंपरा को निभाते हुए लोगों ने चैत्र मास की अंतिम रात को पकाए हुए विशेष भोजन, बासी भात और माछेर झोल, सहजन की सब्जी जैसे पारंपरिक व्यंजन को नववर्ष के प्रथम दिन बड़े ही आनंद के साथ ग्रहण किया.

वहीं दूसरी ओर नववर्ष के अवसर पर पेटभरी गांव स्थित माता भगवती मंदिर में विशेष रौनक देखने को मिली. यहाँ धूमधाम से पूजा-आराधना का आयोजन किया गया, जहाँ सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. मंदिर में न केवल बंगाली समाज, बल्कि सैकड़ों की संख्या में सनातन संस्कृति से ताल्लुक रखने वाले विभिन्न समाज के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.

सभी ने माता भगवती के चरणों में माथा टेका और श्रद्धा-भक्ति के साथ सुखद भविष्य का आशीर्वाद लिया. व्यवस्थापक रंजित गोस्वामी, जयकुमार सिंह, विपिन सिंह, उमाकांत गोस्वामी, भवेश गोस्वामी, महादेव सिंह आदि भक्तों की सेवा में उपस्थित रहें और महाप्रसाद का वितरण किया. नववर्ष के इस मौके पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी विशेष हलचल रही. कई दुकानदारों ने अपने नए साल के बहीखाते की शुरुआत की और ग्राहकों का स्वागत मिठाइयों से किया.

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