कदवा /कटिहार – कदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत भोगांव पंचयात के भोगांव कोठी गांव में बुधवार देर रात्रि हुए गोलीकांड के बाद गुरुवार को पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। गांव में तनावपूर्ण शांति बनाये रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। घटना के बाद पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए गोली चलाने के आरोपी सुनील साह और उसके परिवार के तीन सदस्य रंजीत साह,लवली सिंह एवं निशा सिंह को गिरफ्तार किया गया है।

साथ ही आगजनी तथा तोड़फोड़ में शामिल 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आगजनी व तोड़फोड़ करने वाले गिरफ्तार लोगों में मिथिलेश कुमार सिंह, जय प्रकाश सिंह, तपन सिंह, प्रीतम सिंह, अशोक सिंह, अमरजीत सिंह, चंदन सिंह, अमन कुमार सिंह पिता जय प्रकाश सिंह एवं अमन कुमार सिंह पिता महेश सिंह शामिल है। पुलिस द्वारा सभी गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ कर रही है तथा मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
घटना को लेकर घायल बुजुर्ग महिला जानकी देवी के पुत्र एवं घायल बच्ची अनुष्का कुमारी के पिता रोहित सिंह ने बताया कि उनका भाई बबलू सिंह जो वर्तमान में वार्ड संख्या 2 का वार्ड सदस्य है, जो बुधवार की रात साइकिल से मेला देखकर घर लौट रहा था। इसी दौरान सुनील साह के घर से शराब लेकर मोटरसाइकिल से निकल रहे एक युवक की टक्कर बबलू सिंह की साइकिल से हो गई। इसी टक्कर के बाद कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते मामला बढ़ गया।
आरोप है कि सुनील साह घर से बाहर निकलकर बबलू सिंह के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने लगा। जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई और लोग वहां जुटने लगे तब सुनील साह घर के अंदर घुस गया। रोहित सिंह का आरोप है कि बाहर से शोर-शराबा होने पर सुनील साह ने घर के अंदर से अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में उनकी 11 वर्षीय पुत्री अनुष्का कुमारी और 60 वर्षीय माता जानकी देवी को गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई।
तभी दोनों को आनन-फानन में प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गागंज ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पूर्णिया रेफर कर दिया फिलहाल दोनों का इलाज जारी है। गोलीबारी की घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने गोली फायरिंग करने वाले आरोपी के टिन से बना हुआ एक घर सुर घर के पास रखे वाहनों पर आग लगा दिया।
ग्रामीणों टिन का घर सहित ने कुल 6 मोटरसाइकिल, एक ऑटो और एक कार में आग लगा दी। जिससे सभी वाहन और घर जलकर राख हो गया साथ ही सुनील सिंह के आवासीय घर पर भी तोड़फोड़ किया। रोहित सिंह का कहना है कि उक्त सभी जले हुए कई वाहन उन लोगों के थे। जो कथित रूप से सुनील साह से शराब लेने आते थे। उनका आरोप है कि सुनील साह उधारी नहीं चुकाने वालों के वाहन जबरन अपने पास रख लेता था। हालांकि इन बातों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
शराब कारोबार की चर्चा से उठे सवाल।*:-
घटना के बाद गांव में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आरोपी का घर किसी शराब दुकान से कम नही है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद खुलेआम शराब बिक्री की बात सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़ा हो रहा है। मामले को लेकर पुलिस महानिरीक्षक डॉ० विवेकानंद एवं पुलिस अधीक्षक कटिहार शिखर चौधरी ने घटना स्थल पर पहुंच कर मामले की छानबीन की। छानबीन के बाद पुलिस महानिरीक्षक डॉ० विवेकानंद ने कहा कि मोटरसाइकिल से धक्का लगने के विवाद को लेकर आक्रोशित लोगों ने सुनील सह का घर घेर लिया था और सुनील साह के तरफ से गोलियां चलाई गई थी जिसमें दो लोग जख्मी हो गए इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने उनके घर को घेर लिया था तोरफॉर और आगजनी का कार्य उनके कामत पर हुई है। इस संबंध में विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हुई परंतु पुलिस ने दृढ़तापूर्वक करवाई करते हुए दोनों को सुरीक्षित जान बचा लिया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इस संबंध में दो केस दर्ज हुए हैं एक जिनको गोली लगी उस संबंध में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें सुनील साह सहित उनके तीन और सदस शामिल है। और विधि व्यवस्था उत्पन्न करने वाले 9 व्यक्ति को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया है। अन्य 6 को भी चिन्हित किया गया है और वीडियो के अनुसार अन्य उन सबको गिरफ्तार करके करवाई की जाएगी। सुनील साह के द्वारा अवैध शराब तस्करी पर उन्होंने कहा कि ये जानकारी जांच के क्रम में मिली है। सुनील साह के विरुद्ध चार से पांच केस पहले भी शराब के धंधा करने से और अवैध रूप से धन उपार्जन करने की जानकारी मिली है।
हम लोग इसके विरुद्ध 107 बीएनएस की करवाई करते हुए इनके द्वारा अवैध धनोपार्जन जो किया गया है उसको जप्त करने की दिशा में करवाई करेंगें इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया है।




























