कटिहार कोर्ट – जिला व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप मिश्रा की अदालत ने बहुचर्चित अपहरण एवं दुष्कर्म मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए कटिहार थाना क्षेत्र के रामपाड़ा निवासी संजय शर्मा को दोषी करार दिया है। अदालत ने अपहरण के मामले में दस वर्ष तथा दुष्कर्म के मामले में दस वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
इसके अतिरिक्त अन्य धाराओं में दो वर्ष की सजा भी दी गई है। न्यायालय ने अपहरण के अपराध में 50 हजार रुपये तथा दुष्कर्म के अपराध में 25 हजार रुपये अर्थदंड भी आरोपित पर लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेंद्र कुमार मिश्रा ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि इस सत्रवाद में नौ गवाहों की गवाही कराई गई। जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपित को दोषी पाया।
मामला प्राणपुर थाना में पीड़िता के मामा द्वारा दर्ज कराया गया था। प्राथमिकी के अनुसार पीड़िता नवम वर्ग की छात्रा थी और अपने मामा के घर रहती थी। आरोपित रिश्तेदार होने के कारण घर आता-जाता था। 6 अप्रैल 2011 को उसने पीड़िता के पिता की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर उसे कटिहार से उत्तर प्रदेश के मऊ जिला ले गया, जहां एक कमरे में कई दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया। उसे बेचने का प्रयास भी किया गया। किसी तरह पीड़िता वहां से भागकर पुलिस के पास पहुंची और आपबीती सुनाई। जिसके बाद मामला दर्ज हुआ।
लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने यह महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। जिससे पीड़िता को न्याय मिला और समाज में एक सख्त संदेश गया है कि ऐसे अपराधों पर कानून का शिकंजा अवश्य कसता है।



























