किशनगंज /विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ भारत–नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 12वीं बटालियन, ए कंपनी माफीटोला के जवानों ने शुक्रवार की देर शाम मवेशी तस्करी की एक बड़ी कोशिश को समय रहते नाकाम कर दिया। यह कार्रवाई बॉर्डर पिलर संख्या 154/1 के समीप रात करीब 7:30 बजे नियमित नाका गश्ती के दौरान की गई,
जिससे सीमा क्षेत्र में सक्रिय तस्करों के मंसूबों पर पानी फिर गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसएसबी के जवान सीमा क्षेत्र में नियमित गश्त और निगरानी अभियान पर तैनात थे। इसी दौरान नेपाल की ओर से कुछ तस्कर चार मवेशियों को लेकर अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए दिखाई दिए। जैसे ही तस्करों की नजर गश्ती दल पर पड़ी, वे अंधेरे का लाभ उठाते हुए मवेशियों को मौके पर ही छोड़कर नेपाल की ओर फरार हो गए।
जवानों ने तत्परता दिखाते हुए चारों मवेशियों को सुरक्षित रूप से जब्त कर लिया।इस संबंध में एसआई जीडी आनंद सिंह ने बताया कि सीमा क्षेत्र में मवेशी तस्करी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी है और भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीमा की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के लिए नाका गश्ती, रात्रि निगरानी और खुफिया तंत्र को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।
इस सफल नाका गश्ती अभियान में एसएसबी के जवान अमरपाल, तमुक टची तारा, हिम्मत मनोहर, सोहीदुल इस्लाम, रमेश कुमार सहित अन्य कर्मियों ने सक्रिय और सराहनीय भूमिका निभाई। जवानों के बेहतर समन्वय, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण ही तस्करी की यह कोशिश विफल हो सकी।
खबर लिखे जाने तक जब्त मवेशियों के संबंध में अग्रेतर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी थी। स्थानीय ग्रामीणों और सीमा क्षेत्र के लोगों ने एसएसबी की इस तत्पर कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्त और नियमित कार्रवाई से सीमा क्षेत्र में मवेशी तस्करी पर प्रभावी रोक लगेगी और सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।


























