किशनगंज/विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार भवन में मंगलवार को जन्म–मृत्यु पंजीकरण (जीवनांक सांख्यिकी) से संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के क्षमतावर्द्धन हेतु एकदिवसीय प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण सह समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाना, समयबद्ध और शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करना तथा संबंधित कर्मियों को अद्यतन दिशा-निर्देशों से अवगत कराना था।
बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार ने की।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जन्म–मृत्यु पंजीकरण न केवल एक कानूनी दायित्व है, बल्कि यह सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। सही एवं समय पर पंजीकरण से नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ सुगमता से मिल पाता है।
उन्होंने सभी रजिस्ट्रार (जन्म–मृत्यु), प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर को कार्य के प्रति गंभीरता बरतने का निर्देश दिया। प्रशिक्षण के दौरान जीवनांक सांख्यिकी से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया, समय-सीमा के भीतर प्रविष्टि, त्रुटिरहित डाटा अपलोड, प्रमाण-पत्र निर्गमन, लंबित मामलों के निष्पादन तथा अभिलेखों के संधारण पर विशेष जोर दिया गया।
साथ ही यह भी बताया गया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या विलंब होने पर संबंधित पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को पंजीकरण पोर्टल के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई तथा सामान्य त्रुटियों और उनके समाधान पर प्रकाश डाला गया।
डाटा एंट्री ऑपरेटरों को निर्देश दिया गया कि वे फील्ड स्तर से प्राप्त सूचनाओं का सत्यापन कर ही प्रविष्टि करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की विसंगति उत्पन्न न हो। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी पंचायतों क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर आम नागरिकों को जन्म एवं मृत्यु के पंजीकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी जाए।
बीडीओ अजय कुमार ने कहा कि लक्ष्य यह होना चाहिए कि प्रखंड के प्रत्येक जन्म और मृत्यु का अनिवार्य रूप से पंजीकरण हो तथा कोई भी मामला लंबित न रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों को रोस्टर के अनुसार प्रशिक्षण में भाग लेने एवं प्राप्त निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया। प्रशिक्षण के उपरांत सत्यापित उपस्थिति पंजी जिला सांख्यिकी कार्यालय को उपलब्ध कराने की बात भी कही गई। कार्यक्रम का समापन कार्यों को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के संकल्प के साथ किया गया।

























