BiharCrime:ठाकुरगंज रेलवे कॉलोनी स्थित काली मंदिर में बड़ी चोरी,चोरों ने करीब साढ़े तीन लाख के जेवरात उड़ाए

SHARE:

ठाकुरगंज/कुलभूषण सिंह


गुरुवार की देर रात ठाकुरगंज रेलवे कॉलोनी स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर में अज्ञात चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम देकर इलाके में सनसनी फैला दी। चोर मंदिर से करीब तीन लाख पचास हजार रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात चुरा ले गए। घटना की जानकारी शुक्रवार की सुबह मंदिर समिति के सदस्यों को होते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चोर पूरी तैयारी के साथ मंदिर पहुंचे थे। वारदात से पहले उन्होंने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को ढक दिया था , ताकि उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड न हो सकें। इसके बाद चोरों ने मुख्य गर्भगृह को निशाना बनाते हुए देवी मां को अर्पित की गई कीमती आभूषणों की चोरी कर ली और फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही ठाकुरगंज के विधायक गोपाल अग्रवाल मौके पर पहुंचे और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि मामले की शीघ्र जांच कर दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। विधायक ने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

मौके पर एसडीपीओ-2 मंगलेश कुमार भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि चोरी की घटना को गंभीरता से लिया गया है और इसमें शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और विभिन्न बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है।

वहीं, जीआरपी थाना अध्यक्ष अनुज कुमार ने बताया कि मंदिर के पुजारी द्वारा आवेदन प्राप्त हो गया है। शुक्रवार की सुबह से ही पुलिस टीम जांच-पड़ताल में जुटी हुई है। चोरी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही मामले का उद्भेदन कर चोरी गए जेवरात बरामद कर लिए जाएंगे।

मंदिर में चोरी की खबर फैलते ही वार्ड सदस्य प्रदीप शाह, अमित कुमार सिन्हा, भाजपा नेता कौशल किशोर यादव, मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य सुजीत अधिकारी, जगन्नाथ महतो सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौके पर पहुंचे। सभी ने घटना पर गहरी चिंता जताई।

स्थानीय लोगों ने मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से आमजन में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है, जिस पर प्रशासन को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

सबसे ज्यादा पड़ गई