टेढ़ागाछ/विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ अंचल कार्यालय परिसर में शनिवार को भूमि विवादों के त्वरित समाधान को लेकर जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस जनता दरबार में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों से भूमि विभाग से जुड़े मामलों को लेकर बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे। जनता दरबार में राजस्व कर्मचारी अरुण पांडेय एवं विशाल कुमार के साथ-साथ टेढ़ागाछ, बीवीगंज और फतेहपुर थाना के सब इंस्पेक्टर भी मौजूद रहे।
प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य भूमि से जुड़े विवादों का आपसी सहमति के आधार पर शांतिपूर्ण समाधान करना रहा। जनता दरबार के दौरान टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र से जुड़े भूमि विवाद के दो मामलों का निपटारा दोनों पक्षों की आपसी सहमति से किया गया। राजस्व अभिलेखों की जांच, पक्षकारों की बात सुनने तथा पुलिस पदाधिकारियों की मौजूदगी में इन मामलों को सुलझाया गया, जिससे दोनों पक्ष संतुष्ट नजर आए।
वहीं बीवीगंज थाना क्षेत्र से जुड़े तीन भूमि विवाद मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन किया गया। इन मामलों में कागजात पूर्ण पाए जाने पर तत्काल निर्णय लेते हुए विवादों का समाधान कर दिया गया।
फतेहपुर थाना क्षेत्र से जुड़े भूमि विवाद के मामलों पर भी सुनवाई की गई, लेकिन आवश्यक दस्तावेजों की कमी एवं पक्षकारों की अनुपस्थिति के कारण किसी भी मामले का निष्पादन नहीं हो सका। प्रशासन की ओर से संबंधित लोगों को आश्वस्त किया गया कि आगामी जनता दरबार में इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई कर निष्पादित किया जाएगा।
इस अवसर पर राजस्व कर्मचारी अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य भूमि से जुड़े विवादों को न्यायोचित एवं शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना है। उन्होंने कहा कि “जनता दरबार में दोनों पक्षों को एक मंच पर बैठाकर उनकी समस्याएं सुनी जाती हैं और उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लिया जाता है। हमारा प्रयास रहता है कि विवाद का समाधान आपसी सहमति से हो, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद उत्पन्न न हो। उन्होंने आगे कहा कि भूमि विवाद अक्सर छोटे-छोटे गलतफहमियों के कारण बड़े रूप ले लेते हैं।
ऐसे में जनता दरबार एक प्रभावी माध्यम है, जहां प्रशासन, पुलिस और राजस्व कर्मी मिलकर समस्याओं का समाधान करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि भूमि से संबंधित किसी भी विवाद में सभी आवश्यक कागजात के साथ जनता दरबार में उपस्थित हों, ताकि समय पर निष्पादन संभव हो सके।जनता दरबार में मौजूद फरियादियों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें न्यायालय के चक्कर काटने से राहत मिल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह नियमित रूप से जनता दरबार का आयोजन कर भूमि विवादों का समाधान किया जाएगा।

























