सीमावर्ती ग्रामीणों से संदिग्ध गतिविधियों पर रोकथाम के लिए मांगा सहयोग
दिघलबैंक/मुरलीधर झा
भारत-नेपाल सीमा पर अवस्थित डुब्बाटोली 12 वी वाहिनी बीओपी में शुक्रवार को ग्रामीण एवं एसएसबी के बीच आपसी तालमेल को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों व एसएसबी के आला अधिकारी के साथ बैठक की गई। बैठक को संबोधित करते हुए 12वीं बटालियन के असिस्टेंट एन.एन. सरकार ने बताया कि एसएसबी सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ भारत-नेपाल सीमा पर बसे लोगों के साथ आपसी तालमेल बना कर देश की सेवा करती है।
सीमावर्ती लोगों का विश्वास बढ़े व उनके बीच मधुर संबंध हो, इसके लिए समय-समय पर लोगों को जागरूक करने का कार्य भी हम निरंतर करते हैं। उन्होंने ग्रामीणों को बिना वर्दी का सिपाही बताते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी व देश व समाज के खिलाफ होने वाले गतिविधियों में एसएसबी को सहयोग करें। उन्होंने ग्रामीणों क्षेत्र के बच्चों को अच्छी तालिम व अनुशासन पर ध्यान देने और एसएसबी के तरफ से भी सहयोग मिलने की बात कही।
उन्होंने बताया कि एसएसबी लोगों के लिए लगातार तरह-तरह के योजना चला रही है। जैसे कि ज्वेलरी, सिलाई, कंप्यूटर इत्यादि की ट्रेनिग महिलाओं को दी जा रही है।
प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं व युवतियां स्वयं स्वरोजगार कर जीविकोपार्जन कर सके। सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों को विकास के लिए अधिक से अधिक जागरूक करना एसएसबी का प्रयास है। बैठक में एसएसबी अधिकारीयों के साथ वार्ड सदस्य विकास सिंह,धर्मेंद्र गणेश, रंजीत कुमार साह,मो निसार, रामप्रसाद सिंह,भीम सिंह, अजीत कुमार रॉय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

























