किशनगंज/विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के झुनकी मुसहरा पंचायत अंतर्गत काशलता गांव में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी त्रयोदशी पर्व के अवसर पर शिव नारायण स्वामी सतसंग का गरिमामय आयोजन किया जा रहा है। आध्यात्मिक वातावरण से परिपूर्ण यह सतसंग कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र में धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक ऊर्जा का सशक्त केंद्र बन गया है।

सत्संग स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जहाँ दूर–दराज़ क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालु संतवाणी और आध्यात्मिक प्रवचनों का रसपान कर रहे हैं। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि त्रयोदशी के मौके पर आयोजित यह वार्षिक सतसंग कई दशकों से लोगों के आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। भक्त सुबह से ही बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में मेले जैसा माहौल बन गया है।
शिव नारायण स्वामी की संतवाणी ने श्रद्धालुओं को जीवन में सत्य, करुणा, प्रेम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। प्रवचनों के दौरान लोगों में गहरी आध्यात्मिक अनुभूति देखने को मिली। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि यह सतसंग न केवल धार्मिक आयोजन है बल्कि सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और मानव कल्याण का संदेश देने वाला महापर्व है।
सतसंग के सुचारू संचालन के लिए स्थानीय लोगों तथा स्वयंसेवकों ने विशेष व्यवस्था की है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और पार्किंग की भी उचित व्यवस्था की गई है। भोजन–प्रसाद और रहने की सुविधा से लेकर साफ–सफाई तक हर व्यवस्था में अनुशासन और समर्पण झलक रहा है।
काशलता गांव में त्रयोदशी पर इस तरह का भव्य आयोजन पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह को नया आयाम दे रहा है। श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ यह साबित करती है कि शिव नारायण स्वामी सतसंग की लोकप्रियता और लोगों की आस्था वर्ष दर वर्ष बढ़ती जा रही है।



























