फारबिसगंज में एक साथ उठी पिता-पुत्र की अर्थी,मुस्लिम समाज के लोगो ने किया अंतिम संस्कार, आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे पिता पुत्र

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बेटे की मौत का सदमा नहीं सह सका पिता और दम तोड़ दिया।

अररिया/अरुण कुमार

अररिया में एक पिता अपने बेटे की असमय मृत्यु को सहन नही कर पाया और उसने भी दम तोड दिया ।वैसे तो अररिया में कई गैर सरकारी संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता है लेकिन किसी ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे पिता पुत्र की सुधि नहीं ली।
मालूम हो की फारबिसगंज में 20 वर्षीय जवान बेटे की मौत के वियोग में पिता की भी मौत हो गई।इस घटना के बाद शहर में शोक की लहर उमड़ पड़ी । मृतकों में 60 वर्षीय विजय और उनका 20 वर्षीय पुत्र डीपनी कुमार शामिल हैं। लोगों ने बताया कि बाप-बेटा दोनो स्थानीय फैंसी मार्केट में फूट फाथ पर चाय बेचकर गुजारा करते थे ।

मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार के दोपहर बेटा डीपनी की तबीयत बिगड़ी और देखते ही देखते उसने दम तोड़ दिया। जब इस बात की जानकारी उसके पिता विजय को मिली और वह इस दृश्य को बर्दाश्त नहीं कर पाया और मौके पर ही उसने भी दम तोड़ दिया।स्थानीय लोगो ने बताया की घर में रहने के लिए किराए का पैसा नहीं था न ईलाज के लिए तब दोनो बाप बेटे स्थानीय फैंसी मार्केट में फूट फाथ पर ही एक सीढी के नीचे कपड़ा का परदा लगा कर रहते थे ।

पिता पुत्र की मौत के बाद दोनो का शव फैंसी मार्केट में ही पड़ा रहा।जिसके बाद मानवता का परिचय देते हुए मुस्लिम समाज के कुछ युवक सामने आए और नौजवानों ने दोनो पिता पुत्र का हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार संपन्न करवाया ।

युवकों में खासकर राजा अंसारी स्थानीय दरभंगिया टोला के शोएब आलम, शमीम आलम, तौफीक आलम, तारा अंसारी, आरिफ अंसारी, सनी खान आदि शामिल थे।इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की जहा लहर है वही युवकों के कार्य की सभी सराहना कर रहे हैं।

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