बंगाल :पानीटंकी व्यवसाई समिति ने काकरभिट्ठा पूल पर किया विरोध प्रदर्शन,बॉर्डर खोलने की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन

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खोरीबाड़ी /चंदन मंडल

बुधवार को पानीटंकी व्यवसाय समिति की ओर से भारत -नेपाल के काकरभिट्ठा पूल को सामान्य करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नजदीकी प्रशासन को जमकर कोसा । प्रदर्शनकारियों ने कहा पानीटंकी भारत-नेपाल की सीमा से सटा हुआ है।नेपाली नागरिक भी हाट बाजार करने भारतीय इलाकों में आते हैं तो वहीं भारत क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोग रोजी रोटी के लिए नेपाल पर निर्भर है ।लेकिन कोरोना कि वजह से सीमा सील हुए करीब 18 महीनों हो गए हैं। इसके बाद भी अभी तक नहीं खुली है । जिससे ना सिर्फ रोजी रोटी बल्कि रिश्तों में भी दूरियां बढ़ी है ।






प्रदर्शनकारियों ने कहा काकरभिट्ठा पूल जबतक नहीं खुलेगी तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान पानीटंकी व्यवसाय समिति के सचिव दीपक चक्रवर्ती ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जब नेपाल सरकार ने अपना सीमा खोल दिया है तो भारत सरकार को भी भारत -नेपाल सीमा के काकरभिट्ठा पूल खोल देना चाहिए ताकि अपने रिश्तेदारों से खुल कर मिल सके और रोजगार के लिए भी आवागमन हो सके। लेकिन राज्य प्रशासन द्वारा किसी तरह की कोई सूचना बॉर्डर खुलने को लेकर नहीं दी जा रही है । जिससे परेशानी और बढ़ रही है ।

उन्होंने कहा भारत -नेपाल सीमा बंद हुए इतने दिन हो गए क्या भारत सरकार कुछ सरकारी गाइडलाइंस जारी करके बॉर्डर को सामान्य रूप से नहीं की जा सकती है ? जबकि भारत -नेपाल सीमा के सभी बॉर्डर खुल गए हैं। इसके बाद भी काकरभिट्ठा पूल नहीं खोला गया है । जिस वजह से सीमावर्ती इलाकों के लोगों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों का भारत व नेपाल से ही रोजी रोटी चलता है ।

उन्होंने कहा 18 महीनों से यहां सामान्य की तरह आवाजाही नहीं होने से पानीटंकी बाजार के 1200 दुकानदारों पर पूरी तरह से प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा दुर्गा पूजा के गिने चुने दिन ही शेष रह गए हैं । अगर बॉर्डर खुल जाएं तो इन सब दुकानदारों का थोड़ी बहुत स्तिथि ठीक हो जायेगी। साथ ही शिक्षा , होटल व्यवसाय क्षेत्र को भारी नुकसान से बचाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा सीमावर्ती इलाके और नेपाल में जिन भारतीयों का व्यापार है उनकी दिक्कतें बढ़ी है। उनका व्यापार भी कोरोना वायरस को लेकर ठप है। उन्होंने कहा अब अगर बॉर्डर नहीं खुली सीमावर्ती इलाके के लोगों को भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।
उन्होंने कहा काकरभिट्ठा बॉर्डर को सामान्य करने की मांग को लेकर 07 . 09 .2021 को दार्जिलिंग जिले के डीएम एस पन्नाबल्लम के नाम से खोरीबाड़ी बीडीओ निरंजन बर्मन को को ज्ञापन सौंपा गया था लेकिन अबतक उनके ओर से न तो कोई आदेश आया और न ही किसी प्रकार की सूचना मिली।जबकि नेपाल सरकार ने अब सभी भारत -सीमा को खोलने का निर्णय भी ले चुके हैं । साथ ही नेपाल कैबिनेट की बैठक में इस निर्णय पर मुहर भी लग गयी है । जिससे भारत-नेपाल सीमा के सभी बॉर्डर भी खुल गयी है। बावजूद प्रशासन द्वारा पानीटंकी बॉर्डर को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है। इसके अलावा इस दिन उन्होंने पत्रकारों को कहा कि एसएसबी पर आरोप लगाते हुए कहा कि एसएसबी आने जाने वाले आमलोगों को भी सीमा पर रोककर काफी देर तक पूछताछ व चेकिंग करती है। उन्होंने कहा एसएसबी की चेकिंग का मैं सम्मान करता हूं , पर आमलोगों को भी काफी देर तक सीमा पर रोककर पूछताछ और चेकिंग करते हैं। जिसके कारण आमलोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।






यह व्यवसायी समिति कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा आवाजाही करने वालों में कोई आपत्तिजनक हालत में दिखे तो एसएसबी की उससे घंटो पूछताछ करें, इससे पानीटंकी व्यवसाय समिति कोई आपत्ति नहीं है। इस मौके पर व्यवसाय समिति के अध्यक्ष विंदु भूषण बर्मन, जॉइंट सेक्रिटी होमनाथ सिंह, कोषाध्यक्ष हंदरु उरांव, रामकुमार क्षेत्री, संजीव बर्मन , रोशन गोस्वामी गोस्वामी व संतोष सिंह सहित सैकड़ो प्रदर्शनकारियों मौजूद थे।






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