कटिहार कोर्ट – जिला व्यवहार न्यायालय में पदस्थापित सब जज सह एसीजेएम प्रथम मनीष कुमार के आकस्मिक निधन से बुधवार को न्यायिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। निधन की सूचना मिलते ही प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणवीर सिंह सहित सभी न्यायिक पदाधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे। जानकारी के अनुसार मंगलवार की शाम न्यायालय का कार्य एवं बैठक समाप्त होने के बाद मनीष कुमार अपने जजेस कॉलोनी स्थित सरकारी आवास लौटे थे। जहां वे अकेले रहते थे।
बुधवार सुबह जब न्यायालय के कर्मचारी उनके आवास पहुंचे तो उन्हें अचेत अवस्था में देखा। फिर तत्काल उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके आंख के ऊपर चोट का एक निशान भी पाया गया। स्वर्गीय मनीष कुमार का चयन 28वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा के माध्यम से हुआ था। उन्होंने 23 फरवरी 2017 को दानापुर में न्यायिक पदाधिकारी के रूप में अपनी सेवा प्रारंभ की थी। उनका जन्म 13 जून 1980 को आरा में हुआ था। वे अपनी सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए न्यायिक क्षेत्र में जाने जाते थे।
उनके पीछे परिवार में उनकी पत्नी जो कि एक शिक्षिका है के अलावा एक 16 वर्षीय पुत्र और 8 वर्षीय पुत्री है। बाद में कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए प्रशासन द्वारा उनके शव को उनके परिजन के सुपुर्द कर दिया गया। उनके निधन की सूचना पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष महानंद यादव और सचिव विजय कुमार झा के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने शोक स्वरूप न्यायिक कार्य से स्वयं को अलग रखा।
न्यायालय परिसर में पूरे दिन शोक का माहौल रहा और सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना किया। इस आकस्मिक घटना को लेकर न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मियों ने गहरा दुःख व्यक्त किया।
























