आईसीटी के प्रयोग से छात्र छात्राएं हो रहे हैं लाभान्वित

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समेली /कटिहार – उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय नवाबगंज की शिक्षिका कुमारी प्रिया हालदार के प्रयास से बच्चे केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय नए तरीकों से सीखने का अवसर मिल रहा है।विद्यालय में डिजिटल शिक्षा का बेहतर प्रयोग हो रहा है।

कुमारी प्रिया अपने वर्ग कक्ष में पाठ्य सामग्री को डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत करती है, जिससे विद्यार्थियों में सीखने की रुचि बढ़ती है और कठिन विषयों को समझने में आसानी होती है ।कुमारी प्रिया का मानना है कि तकनीक का सही उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए भी शिक्षा का नए द्वार खोल सकता है। गर्व की बात ये है कि पूरे बिहार में इसी विद्यालय के दो बच्चों का युनिसेफ की तरफ से दिल्ली से मेंटल हेल्थ सर्वे ऑनलाइन हुआ था।

जिसमें बच्चे ऑनलाइन आकर जवाब दिये थे। बच्चों के इस कार्यक्रम से काफी हौसला मिला क्योंकि पहली बार ऑनलाइन होकर कुछ बताने का अवसर प्राप्त हुआ था। इसके पश्चात सेल्फ स्टीम कार्यक्रम भी डिजिटल माध्यम से किया जाता है।

इसमें बच्चे काफी रुझान दिखाए और यह कार्यक्रम इतना अच्छा हुआ कि पूरे बिहार में कटिहार और पूर्णिया का चयन हुआ था। डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने के लिए दिल्ली से यूनिसेफ की टीम आई थी । डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने और यूनिसेफ की टीम बच्चों की काफी सराहना की थी। कुमारी प्रिया के यह नवाचार संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच के साथ शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण बदलाव लाया जा सकता है।

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