किशनगंज/प्रतिनिधि
बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी स्टार्टअप नीति 2022 के सफल क्रियान्वयन को लेकर आज जिला उद्योग केंद्र, किशनगंज में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। महाप्रबंधक अनिल कुमार मंडल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के युवा नवाचारियों को सशक्त बनाना और राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, किशनगंज में स्टार्टअप संस्कृति को गति प्रदान करना रहा।
विभाग द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुसार, अब महाविद्यालय में प्रत्येक माह स्टार्टअप से संबंधित ‘इवेंट’, कार्यशाला और सेमिनार का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को उद्योग जगत की बारीकियों और उद्यमिता की तकनीकी जानकारी दी जाएगी।
बैठक में फैकल्टी इंचार्ज प्रो. देवानंद पटेल और जिला समन्वयक माहीन रजा की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। प्रो. देवानंद पटेल के मार्गदर्शन में कॉलेज की फैकल्टी और छात्र इन मासिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे, जबकि जिला समन्वयक माहीन रजा विभागीय निर्देशों और कॉलेज के बीच समन्वय स्थापित कर स्टार्टअप सेल को क्रियाशील रखेंगे।
जिले में उद्योग और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए जिला उद्योग केंद्र की पूरी टीम तत्परता से कार्य कर रही है।
इस महत्वपूर्ण सत्र में निम्नलिखित पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए:
अनिल कुमार मंडल, महाप्रबंधक
प्रो. देवानंद पटेल, फैकल्टी इंचार्ज
माहीन रजा, जिला समन्वयक
धनंजय कुमार, दीपक जय कुमार, परियोजना प्रबंधक
सुजीत कुमार कामत, गोविंद झा, उद्योग विस्तार पदाधिकारी।
इस पहल से किशनगंज न केवल एक शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभरेगा, बल्कि आने वाले समय में यहाँ के युवा अपने नवाचारी आइडिया के दम पर रोजगार प्रदाता बनेंगे। जिला प्रशासन और उद्योग विभाग का यह सामूहिक प्रयास जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।



























