दिघलबैंक/मुरली धर झा
भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 12वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने शुक्रवार को सीमावर्ती क्षेत्र में ग्रामीणों के साथ एक समन्वय बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा और विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करना था।
बैठक में डिप्टी कमांडेंट स्वपन रजक और असिस्टेंट कमांडेंट प्रिय रंजन चकमा उपस्थित रहे। डिप्टी कमांडेंट रजक ने ग्रामीणों को बताया कि 12वीं वाहिनी एसएसबी द्वारा निःशुल्क कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन प्रशिक्षणों में 10वीं (मैट्रिक) पास इच्छुक व्यक्ति भाग ले सकते हैं।
प्रस्तावित प्रशिक्षणों में साइलेंट वॉटर टेस्टिंग लैब टेक्नीशियन (53 दिन), जैविक खाद (34 दिन), सब्जी की खेती (7 दिन) और मशरूम की खेती (7 दिन) शामिल हैं। ये सभी प्रशिक्षण पोठिया प्रखंड के अर्राबाड़ी स्थित अब्दुल कलाम कृषि कॉलेज में करवाए जाएंगे।
डिप्टी कमांडेंट ने इस अवसर पर कहा कि यह योजना सीमा से लगे गांवों के जीवन स्तर में सुधार, बुनियादी सुविधाओं के विकास और स्थानीय युवाओं को आर्थिक अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसके अतिरिक्त, बैठक में नशामुक्ति, देशभक्ति और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कंपनी कमांडेंट ने ग्रामीणों से सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा में सहयोग की अपील की और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत एसएसबी को देने का आग्रह किया।
बैठक में दिघलबैंक मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार सिंह, धनतोला मुखिया लखीराम हांसदा, उपमुखिया राजीव कुमार, मो. सुलेमान और राजीन हरिजन सहित कई स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।


























