अररिया से अरुण कुमार की रिपोर्ट
अररिया शहर के मारवाड़ी पट्टी स्थित आईसीआईसीआई बैंक के सामने गुरुवार को जीविका से जुड़ी दर्जनों महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने बैंक कर्मियों पर करीब 13 लाख रुपये की किस्तों के कथित घोटाले का गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन कर रहीं जीविका दीदियों का कहना है कि दियारी मजगामा क्षेत्र के 18 जीविका सहायता समूहों की महिलाओं ने इसी बैंक से लोन लिया था। किस्त की वसूली के लिए पंकज, रोशन, विपिन और प्रकाश सिंह नामक कर्मचारी नियमित रूप से उनके घर जाते थे और नकद राशि लेकर एक स्लिप थमा देते थे, जिसे महिलाएं वैध रसीद समझती रहीं।
महिलाओं के अनुसार जब बैंक की ओर से बकाया किस्तों को लेकर रिमाइंडर कॉल आने लगे, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। बैंक पहुंचकर जांच करने पर पता चला कि जमा की गई किस्तें खातों में दर्ज ही नहीं की गई हैं, जिससे सैकड़ों महिलाओं का क्रेडिट स्कोर खराब हो गया।
जीविका सदस्य काजल ने कहा,“हमने समय पर पूरी किस्तें दीं, लेकिन पैसा बैंक में जमा नहीं हुआ। अब क्रेडिट स्कोर खराब होने के कारण हमें कहीं से लोन नहीं मिल रहा, जिससे हमारी आजीविका पर संकट आ गया है।”
महिलाओं का आरोप है कि इस मामले की जानकारी तत्कालीन बैंक मैनेजर रामकुमार मिश्र को वर्ष 2023 में ही दे दी गई थी। उन्होंने समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक इस घोटाले से करीब 400 महिलाएं प्रभावित हुई हैं।
बैंक के सामने बढ़ते हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, खबर लिखे जाने तक आईसीआईसीआई बैंक की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।





























