किशनगंज /प्रतिनिधि
बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा आत्मा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025–26 में आयोजित राज्य स्तरीय पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को शुभारंभ कृषि विज्ञान केंद्र में किया गया । यह प्रशिक्षण कार्यक्रम तेलहन एवं दलहन उत्पादन विषय पर आधारित है । कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कटिहार जिले से आए 20 किसानों ने भाग लिया ।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, किशनगंज के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. राजीव सिंह ने अपने संबोधन में तेलहन एवं दलहन फसलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि फसल विविधीकरण एवं उन्नत तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं ।
इस अवसर पर उद्यान वैज्ञानिक डॉ. मंजू कुमारी ने दलहन एवं तेलहन फसलों के साथ समेकित कृषि प्रणाली एवं पोषण सुरक्षा पर विस्तार से जानकारी दी। कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. अलीमुल इस्लाम ने किसानों को प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता बताते हुए कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से की गई खेती न केवल उत्पादन बढ़ाती है, बल्कि किसानों की आय को भी स्थायी रूप से मजबूत बनाती है । उन्होंने किसानों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकी ज्ञान को अपने खेतों में अपनाने की अपील की ।
वहीं सस्य वैज्ञानिक डॉ. कन्हैया लाल ने उन्नत किस्मों, समय पर बुवाई, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन एवं कीट-रोग नियंत्रण के विषय में किसानों को वैज्ञानिक मार्गदर्शन प्रदान किया। इसके साथ ही गृह वैज्ञानिक डॉ. रमन भारती ने दलहन एवं तेलहन फसलों के पोषण मूल्य, घरेलू स्तर पर उनके उपयोग, मूल्य संवर्धन एवं महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला, जिससे किसानों को आय बढ़ाने के अतिरिक्त पोषण सुरक्षा की दिशा में भी जानकारी प्राप्त हुई ।
इस अवसर पर कटिहार के आजम नगर के प्रखंड तकनीकी प्रबंधक उपस्थित रहे l कृषि विभाग के अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से किसानों की तकनीकी क्षमता में वृद्धि होगी तथा क्षेत्र में तेलहन एवं दलहन उत्पादन को नई दिशा मिलेगी ।




























