उत्तराखंड की महिला मंत्री के पति के बयान के खिलाफ़ कड़ा विरोध
किशनगंज/पोठिया/राज कुमार
उत्तराखंड की महिला मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के द्वारा बिहार और बिहार की बेटियों के संबंध में दिए गए अत्यंत आपत्तिजनक, अपमानजनक और गैर-ज़िम्मेदार बयान के विरोध में शनिवार की को छत्तरगच्छ स्थित पावर हाउस के सामने मुख्य सड़क पर शांतिपूर्ण धरना–प्रदर्शन किया गया।
इस धरना प्रदर्शन का नेतृत्व ज़िला पार्षद प्रत्याशी मौलाना आफ़ताब अज़हर सिद्दीक़ी प्रदेश महासचिव मजलिस अहरार ने किया। धरने में सामाजिक, धार्मिक और जागरूक नागरिकों ने भाग लेकर बेटी सम्मान के पक्ष में एकजुटता दिखाई।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि बिहार की बेटियाँ सम्मान, संस्कार और स्वाभिमान की प्रतीक हैं। उनके चरित्र और अस्तित्व पर की गई किसी भी प्रकार की टिप्पणी न केवल बिहार की बेटियों का, बल्कि पूरे बिहार और समाज का अपमान है। ऐसे बयान नारी सम्मान, सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा हमला हैं, जिन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
मौलाना आफ़ताब अज़हर सिद्दीक़ी ने अपने संबोधन में कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि बेटियों की गरिमा, समाज की मर्यादा और न्याय की मांग के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बिहार सरकार से मांग की कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाए और सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफ़ी मंगवाई जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति समाज के खिलाफ़ ऐसी भाषा का प्रयोग करने से पहले सोचे।
धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप सेमौलाना ज़ैनुल आबिदीन सनाबली, मौलाना अब्दुल वाहिद बुखारी, मौलाना नसीम अख्तर मोहम्मदी, मौलाना मंसूरुल क़ादरी, मोहम्मद नईम, अनवरुल अंसारी, अनामुल अंसारी, तसव्वुर आलम सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग शामिल रहे।
प्रदर्शन के दौरान “बेटी का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” और
बिहार की बेटी सम्मान की प्रतीक” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और बिहार की बेटियों के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक समाज अपनी आवाज़ उठाता रहेगा।



























