फारबिसगंज /बिपुल विश्वास
शिष्टाचार और ईमानदारी का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक से सामान्यतया शिष्ट आचरण की अपेक्षा की जाती है,लेकिन जब यही शिक्षक अशिष्ट आचरण करते हुए समानों की चोरी जैसी हरकत को अंजाम दे तो सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि वे किस तरह शैक्षणिक कार्यों को अंजाम देते होंगे।दरअसल मामला है जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट के प्रभारी प्राचार्य आफताब आलम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को एक पत्र लिखकर पांच दिवसीय प्रशिक्षण के लिए आए प्रशिक्षण के दौरान चार शिक्षकों द्वारा समानों की चोरी कर लेने की जानकारी दी।
डायट के प्रभारी प्राचार्य ने डीईओ से उन शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई का आग्रह किया है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट के प्रभारी प्राचार्य आफताब आलम ने अपने पत्र पत्रांक संख्या 702 दिनांक 19 दिसम्बर 2025 में बताया गया कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के ज्ञापांक 1763 दिनांक 13 दिसंबर 2025 एवं ज्ञापांक 1764 दिनांक 13 दिसंबर 2025 के द्वारा शिक्षकों को पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण को लेकर नामित की गई थी।
पहले दिन से ही शिक्षक संस्थान में प्रशिक्षण ले रहे थे।पत्र में बताया गया कि पलासी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिहारी के शिक्षक मो.नूरुल इस्लाम,जोकीहाट प्रखंड के डुमरिया हरिजन टोला के प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक मो.मजहर आलम,प्राथमिक विद्यालय रहरिया के शिक्षक मो.नियाज़ आलम,प्राथमिक विद्यालय हैयाधार के शिक्षक मो.तौकीर आलम द्वारा बल्ब,बेडशीट,चाय कप,हैंडवाश डिस्पेंसर जैसी अति महत्वपूर्ण सामग्रियों की चोरी कर ली।
शिक्षकों की यह करतूत डायट में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है।पत्र में बताया गया कि अतिरिक्त जांच के क्रम में संस्थान की सामग्रियां उनके निजी वाहन और आवंटित कमरों से बरामद किए गए हैं।शिक्षकों के इस करतूत को न केवल सरकारी संपत्तियों को हानि पहुंचाने बल्कि शिक्षण पेशे से जुड़े प्रतिष्ठित शिक्षक समुदाय की छवि को धूमिल करने वाला बताया गया है।
प्रभारी प्राचार्य ने डीईओ से इन शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की साथ संस्थान को पहुंचाई गई क्षति आठ हजार रूपये की राशि वसूल कर संस्थान को उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।

























