शहीद भगत सिंह की मनाई गई 118वी जयंती,श्रद्धासुमन किया गया अर्पित

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ठाकुरगंज/किशनगंज/मो मुर्तुजा

रविवार को जिले के ठाकुरगंज में स्वतंत्रता सेनानी शहीद ए आजम भगत सिंह की 118 वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कला एवं संस्कृति मंच ठाकुरगंज के बैनर तले देश के महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की 118वीं जयंती बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और सम्मान के साथ मनाई गई।

जयंती समारोह की शुरुआत शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। ठाकुरगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या दो स्थित ठाकुरगंज क्लब मैदान में स्थापित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा के समक्ष भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष नरेश साह, नगर महामंत्री चंद्रकांत गौतम, आर. के. मेमोरियल पब्लिक स्कूल के निदेशक ललन पोद्दार तथा ठाकुरगंज क्लब के कप्तान विशाल राय समेत कई गणमान्य व्यक्तियों ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित किया।


इस अवसर पर आर के मेमोरियल पब्लिक स्कूल के निदेशक ललन पोद्दार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि शहीद भगत सिंह का जन्म 28 सितम्बर 1907 को पंजाब के लायलपुर जिले के बंगा गांव (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। उन्होंने बहुत ही कम उम्र में देश की स्वतंत्रता के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। उन्होंने भगत सिंह के संघर्ष, उनके साहसिक कारनामों और उनके क्रांतिकारी विचारों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बच्चों से आग्रह किया कि वे उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं।


भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष नरेश साह ने शहीद-ए-आज़म के योगदान को याद करते हुए कहा कि भगत सिंह ने मात्र 23 वर्ष की उम्र में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ साहसिक कदम उठाया और देश की आजादी की नींव मजबूत की। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को भगत सिंह के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से उपस्थित नागरिकों और छात्रों से अपील की कि वे भगत सिंह के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाएं और उनके सपनों का भारत बनाने में योगदान दें।


नगर महामंत्री चंद्रकांत गौतम ने कहा कि शहीद भगत सिंह की शहादत और उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता संग्राम के समय थे। आज का समाज अगर उनके क्रांतिकारी और समाज सुधारक दृष्टिकोण को अपनाए, तो देश को नई दिशा मिल सकती है।


कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर शहीद-ए-आज़म को नमन किया गया। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे भगत सिंह के दिखाए मार्ग पर चलकर समाज और राष्ट्रहित में कार्य करेंगे।इस मौके पर गणमान्य लोगों के साथ विद्यालय के बच्चे उपस्थित थे

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