समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में किशनगंज के मुसलमान ?

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किशनगंज /प्रतिनिधि

केंद्र सरकार समान नागरिक संहिता बिल को संसद के मानसून सत्र में पेश कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीन जुलाई को इस मामले पर संसदीय स्थायी समिति की एक बैठक भी बुलाई गई है।जिसके बाद राजनैतिक गलियारे में चर्चाओं का बाजार गर्म हो चुका है ।

समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की खबरों के बाद मुस्लिम बहुल किशनगंज जिले में मुस्लिम समाज से जुड़े लोगो ने अलग अलग प्रतिक्रिया दी है ।मुस्लिम समाज के लोगो का कहना है की इस पूरे मुद्दे पर उलेमाओ को एकजुट होने की जरूरत है और कानून में किसी तरह के बदलाव को वो स्वीकार नहीं करेंगे ।एक व्यक्ति ने कहा की मुस्लिम पर्सनल लॉ में बदलाव स्वीकार नहीं है ।युवा मो कामरान इकबाल ने कहा की केंद्र सरकार अपनी मनमानी पर उतरी चुकी है और इसका विरोध किया जाएगा।

जबकि एक अन्य व्यक्ति ने कहा की आगामी चुनाव की वजह से आरएसएस और बीजेपी के द्वारा लोगो को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है ।हालाकि कई लोगो ने कहा की अभी इस संबंध में उन्हें पूरी जानकारी नहीं है और जानकारी मिलने के बाद ही प्रतिक्रिया देंगे। गौरतलब हो की बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी समान नागरिक संहिता को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसकी उपयोगिता से लोगो को अवगत करवाया था ।

बीजेपी के कई बड़े नेता इस संबंध में बयान देते हुए देखे जा रहे हैं।भाजपा के वरिष्ट नेता रवि शंकर प्रसाद ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा की विपक्ष के द्वारा धारा 370,राम मंदिर निर्माण,तीन तलाक को लेकर भी विरोध किया गया था लेकिन उसे भी सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर लागू किया उसी तरह समान नागरिक संहिता को भी लागू किया जाएगा।देखने वाली बात होगी की मुस्लिम समाज इसे किस रूप में लेता है ।

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