प्राणपुर /कटिहार-प्रखंड क्षेत्र केवाला पंचायत के मौजा रामचन्द्रपुर स्थित प्रस्तावित पैक्स गोदाम की भूमि की मापी मंगलवार को न्यायालय में लंबित टाइटल सूट का मामला सामने आने के बाद नहीं हो सकी। प्राणपुर अंचल कार्यालय के निर्देश पर पहुंचे अमीन को भूदाता के वंशजों द्वारा संबंधित भूमि से जुड़े न्यायालय में लंबित टाइटल सूट के दस्तावेज दिखाए गए। जिसके बाद मापी की कार्रवाई तत्काल रोक दी गई और अमीन बिना पैमाइश किए लौट गए। केवाला पैक्स अध्यक्ष तौहीद नय्यर के आवेदन पर जिला पदाधिकारी के निर्देश के बाद अंचल कार्यालय ने मामले की जांच करते हुए भूमि की पैमाइश कराने का निर्णय लिया था।
अंचलाधिकारी शिखा कुमारी के आदेश पर अंचल अमीन सुप्रिया भारती एवं अभिषेक कुमार निर्धारित तिथि पर स्थल पर पहुंचे। इसी दौरान भूदाता के वंशजों ने भूमि से संबंधित न्यायालय में लंबित टाइटल सूट के दस्तावेज प्रस्तुत किया।न्यायालय में मामला विचाराधीन होने की जानकारी मिलने के बाद अमीन ने मापी की कार्रवाई रोक दी और वापस लौट गए। मामले में बताया गया कि संबंधित भूमि की रजिस्ट्री वर्ष 1989 में पैक्स के नाम कराई गई थी तथा वर्ष 1990 में वहां पैक्स गोदाम का निर्माण कराया गया।
अमीन ने बताया कि भूदाता के वंशजों का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2016 में उक्त भूमि को लेकर न्यायालय में टाइटल सूट दायर किया था। जो आज भी लंबित है। इसी लंबित वाद का हवाला देते हुए मापी पर आपत्ति दर्ज कराई गई। पैक्स अध्यक्ष मोहम्मद नय्यर ने बताया कि प्रस्तावित पैक्स गोदाम की भूमि के चारों ओर अतिक्रमण हो चुका है। धान अधिप्राप्ति के मौसम में अनाज रखने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं रहने से पैक्स को हर वर्ष परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि इसी समस्या के समाधान के लिए जिला पदाधिकारी से शिकायत की गई थी। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अंचल कार्यालय ने वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के उद्देश्य से भूमि की मापी कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन न्यायालय में लंबित टाइटल सूट का मामला सामने आने से कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। इस संबंध में अंचलाधिकारी ने बताया कि पैक्स गोदाम की भूमि की मापी के लिए अमीन को भेजा गया था। स्थल पर न्यायालय में लंबित टाइटल सूट से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किया गया।जिसके कारण मापी की कार्रवाई रोक दी गई। उन्होंने कहा कि अमीन से प्राप्त प्रतिवेदन जिला प्रशासन को भेजा जाएगा तथा जिला स्तर से प्राप्त निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ न्यायालय में लंबित वाद से भी जुड़ गया है। ऐसे में भूमि की स्थिति स्पष्ट होने और पैक्स गोदाम से संबंधित आगे की कार्रवाई जिला प्रशासन एवं न्यायालय के निर्णय के बाद ही संभव हो सकेगी।


























