ठाकुरगंज/कुलभूषण सिंह
19वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), ठाकुरगंज द्वारा मंगलवार को वाहिनी मुख्यालय परिसर में एक दिवसीय नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा एवं नेत्र स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उच्च मुख्यालय के निर्देशानुसार कार्यवाहक कमांडेंट एम. ब्रोजेन सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में सीमावर्ती ग्रामीणों, संदीक्षा परिवारों, अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों तथा जवानों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी आंखों की जांच कराई।
शिविर का संचालन सहायक कमांडेंट (मेडिकल) डॉ. अश्वनी कुमार झा एवं 19वीं वाहिनी की चिकित्सकीय टीम की देखरेख में किया गया। इस दौरान सिलीगुड़ी स्थित ग्रेटर लाइंस आई अस्पताल के प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित धारा एवं उनकी विशेषज्ञ टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से प्रतिभागियों की विस्तृत नेत्र जांच की। जांच के बाद दृष्टि संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया तथा जरूरतमंदों के बीच नि:शुल्क चश्मों का वितरण भी किया गया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्रतिभागियों को आंखों की देखभाल के प्रति जागरूक करते हुए संतुलित एवं पौष्टिक आहार, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम, धूल एवं धुएं से बचाव, मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों से बचने तथा समय-समय पर आंखों को विश्राम देने की सलाह दी। साथ ही नियमित नेत्र परीक्षण कराने के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
शिविर में बड़ी संख्या में सीमावर्ती ग्रामीणों, बलकर्मियों, संदीक्षा परिवारों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविरों के नियमित आयोजन की मांग की।
इस अवसर पर कार्यवाहक कमांडेंट एम. ब्रोजेन सिंह ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक विकास के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उत्पादित दूध, दही, पनीर, मांस, मछली, अंडे और सब्जियों जैसे दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीद को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “स्वस्थ आंखें केवल देखने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन के हर सपने को साकार करने का आधार हैं। जनसेवा ही सशस्त्र सीमा बल की पहचान है और समाज के प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

























