आठ घंटे तक हुई छापेमारी में डायरी ,जमीन के कागजात सहित अन्य दस्तावेज बरामद
किशनगंज /प्रतिनिधि
किशनगंज सदर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन के पांच ठिकानों पर मंगलवार को आर्थिक अपराध इकाई के द्वारा छापेमारी की गई। छापेमारी किशनगंज, छपरा,पटना अवस्थित पांच ठिकानों में की गई।मालूम हो कि छापेमारी सुबह सात बजे शुरू हुई। आर्थिक अपराध इकाई की 10 सदस्यीय टीम सदर थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन के सदर थाना परिसर स्थित सरकारी आवास पहुंची। किशनगंज में टीम का नेतृत्व डीएसपी ज़ैनीफुद्दीन कर रहे थे।टीम के द्वारा थानाध्यक्ष के सरकारी आवास में छापेमारी के अलावा सदर थाना के कुछ स्टाफ से भी पूछताछ की गई।
आठ घंटे तक चली छापेमारी में टीम ने डायरी ,जमीन के कागजात सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए है। डीएसपी सुनील कुमार ने बताया कि आवास से सिलीगुड़ी में पत्नीं और साला के नाम पर जमीन खरीदी गई है जिसका दस्तावजे बरामद हुआ है।वही पटना के रामकृष्ण नगर में दो मंजिला मकान और मुजफ्फरपुर में जमीन के कागजात बरामद हुए है।
श्री कुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन के विरूद्ध ज्ञात आय से अधिक सम्पति अर्जन के आलोक में आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 5/26 में 13 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है।विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी अधिपत्र प्राप्त करते हुए इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार के 5 अलग-अलग ठिकानों पर डीएसपी स्तर के पदाधिकारियों के नेतृत्व में तलाशी की कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस निरीक्षक-सह-थानाध्यक्ष किशनगंज अभिषेक कुमार रंजन के विरूद्ध सत्यापन के क्रम में कुल एक करोड़ सत्तर लाख बाइस हजार रूपये आय से अधिक सम्पति अर्जित करने का प्रथमदृष्टया साक्ष्य पाया गया था। जो उनके ज्ञात आय से लगभग 115.66 प्रतिशत अधिक है।
सदर थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन 2009 बैच के दारोगा के रूप में पुलिस विभाग में नियुक्त हुए थे।इसके बाद पुलिस निरीक्षक पद पर प्रोन्नति मिली थी।सदर थानाध्यक्ष ने वर्ष 2024 के दिसंबर महीने में किशनगंज सदर थाना का पदभार ग्रहण किया था।बीते दिनों उनका तबादला नौगछिया हुआ था लेकिन फिलहाल उन्होंने प्रभार नहीं सौंपा था।
मालूम हो कि जिले में महज पंद्रह दिनों में लगातार दूसरी बार एसवीयू की कार्रवाई हुई है।इससे पहले 31 मार्च को पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार के सरकारी आवास पर आर्थिक अपराध इकाई के द्वारा छापेमारी की गई थी।कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप व्याप्त है।इस छापेमारी के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है ।शहर के बुद्धिजीवियों का कहना है कि यहां आने वाले अधिकारी और पदाधिकारी जिले को चारागाह के रूप में इस्तेमाल करते है।बुद्धिजीवी वर्ग सरकार की इस कारवाई की सराहना कर रही है।





























