मंदिर परिसर में भगवान शिव और राधे-कृष्ण के मंदिरों के निर्माण कार्य में आई तेजी
संवाददाता: रणविजय
किशनगंज जिले में ठाकुरगंज प्रखंड के डुमरिया पंचायत अंतर्गत पेटभरी गाँव में आगामी एक बैशाख (बांग्ला नववर्ष) के पावन अवसर पर माता भगवती मंदिर में आयोजित होने वाली भव्य पूजा-अर्चना को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। आध्यात्मिक और सामाजिक समरसता के केंद्र के रूप में उभर रहे इस परिसर में इन दिनों निर्माण कार्यों की भी खूब चर्चा है।
मंदिर परिसर को भव्य रूप देने के लिए वर्तमान में दो नए मंदिरों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, सार्वजनिक सहयोग और जन-भागीदारी से एक भव्य शिव मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है तो वहीं ग्रामवासी सह समाजसेवी रंजित कुमार गोस्वामी के सौजन्य से राधा-कृष्ण के मंदिर का भी निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अतिरिक्त, मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए भविष्य की योजनाएं भी साझा की हैं।
जल्द ही परिसर में एक स्टोर रूम के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के लिए एक विश्रामालय का निर्माण भी शुरू किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रत्येक वर्ष पहला बैशाख के दिन इस भगवती मंदिर का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। सैकड़ों श्रद्धालु स्थानीय क्षेत्रों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल और नेपाल से भी यहाँ ‘डाला’ चढ़ाने पहुँचते हैं।
भक्त अपनी मनवांछित फल की प्राप्ति के लिए माता के दरबार में मत्था टेकते हैं। पूजा के उपरांत भव्य स्तर पर महाप्रसाद का वितरण किया जाता है, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल होते हैं।आयोजन को सफल बनाने के लिए पेटभरी गाँव के युवा और बुजुर्ग उत्साहित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्र की एकता का भी प्रतीक है। नए मंदिरों के निर्माण और विश्रामालय की सुविधा होने से भविष्य में यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत होगी।























