अररिया /अरुण कुमार
मुजफ्फरपुर के साहेबगंज नगर परिषद में कथित वित्तीय अनियमितता और करीब 2 करोड़ 75 लाख रुपये के गबन के मामले में शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए साहेबगंज थाना पुलिस ने फारबिसगंज नगर परिषद के वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) रंधीर लाल के आवास और कार्यालय में छापेमारी की। हालांकि, गिरफ्तारी की भनक लगते ही ईओ पहले ही फरार हो गए।
साहेबगंज थाना के सब-इंस्पेक्टर कुणाल कुमार के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने फारबिसगंज थाना पुलिस के सहयोग से देर रात ईओ के आवास और शनिवार को नगर परिषद कार्यालय में तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान फारबिसगंज थाना के एसआई अमित राज, उपेंद्र शर्मा, आशुतोष मिश्रा, संदीप कुमार सहित पुलिस बल मौजूद रहा।
पुलिस के अनुसार, रंधीर लाल पर साहेबगंज नगर परिषद में कार्यपालक पदाधिकारी रहते हुए सरकारी नियमों की अनदेखी कर खरीद प्रक्रिया में भारी वित्तीय अनियमितता करने का आरोप है।
आरोप है कि उन्होंने जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से 3,000 स्ट्रीट लाइट, एक रिफ्यूज कॉम्पेक्टर, सात एवं 20 हाईमास्ट लाइटिंग टावर तथा सीसीटीवी कैमरों की खरीद में विभागीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए सरकारी राशि का दुरुपयोग किया।
इस मामले में नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक 1225, दिनांक 21 अप्रैल 2026 के आधार पर साहेबगंज थाना कांड संख्या 344/2026 (दिनांक 28 अप्रैल 2026) दर्ज किया गया है। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) और 318(4) के तहत दर्ज है।
छापेमारी के दौरान पुलिस को ईओ न तो उनके सरकारी आवास पर मिले और न ही नगर परिषद कार्यालय में। बताया जा रहा है कि उनका मोबाइल फोन भी लगातार स्विच ऑफ है। पुलिस ने कार्यालय में काफी देर तक मौजूद रहकर प्रधान सहायक समेत अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की और आवश्यक जानकारी जुटाई।
मामले के अनुसंधानकर्ता एसआई कुणाल कुमार ने बताया कि रंधीर लाल ने अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) के लिए एडीजे-16, मुजफ्फरपुर की अदालत में याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
साथ ही उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसी आदेश के अनुपालन में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी कार्यपालक पदाधिकारी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।























