दिघलबैंक /मुरलीधर झा
जिले के दिघलबैंक प्रखंड के लक्ष्मीपुर वार्ड संख्या 4 निवासी 60 वर्षीय चौकीदार मुर्मू की आंध्र प्रदेश में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। परिवार का आरोप है कि केरल मजदूरी करने जाते समय ट्रेन में हुई झड़प के बाद उनकी हत्या कर दी गई। 24 फरवरी को उनके बड़े बेटे को व्हाट्सएप पर चौकीदार मुर्मू की फांसी से झूलते हुए तस्वीर मिली थी।
चौकीदार मुर्मू अपने 20 वर्षीय छोटे बेटे सुखिलाल मुर्मू के साथ 21 फरवरी को किशनगंज से केरल के लिए विवेक एक्सप्रेस से निकले थे। शाम 5 बजे यात्रा शुरू होने के कुछ घंटों बाद, ट्रेन के डिब्बे में बैठे 10-12 लड़कों से चौकीदार मुर्मू की किसी बात पर बहस हो गई।
ट्रेन जब आंध्र प्रदेश के रेणुकुंडा स्टेशन पहुंची, तो उन लड़कों ने चौकीदार मुर्मू को घसीटकर ट्रेन से नीचे उतार लिया और मारपीट करने लगे। तब तक ट्रेन चल चुकी थी और उनका बेटा सुखिलाल ट्रेन में ही रह गया। चौकीदार मुर्मू अपनी जान बचाने के लिए स्टेशन परिसर में भागे। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बुलाया, जिसके बाद सभी को पुलिस थाने ले जाया गया। पुलिस पूछताछ के बाद सभी को छोड़ दिया गया।
पुलिस स्टेशन से ट्रेन पकड़ने के लिए रेणुकुंडा आते समय चौकीदार मुर्मू ने अपनी पत्नी गीता हांसदा को फोन पर पूरी घटना बताई थी। इसके बाद गीता हांसदा ने बताया कि उनके पति से उनका कोई संपर्क नहीं हुआ।
24 फरवरी को चौकीदार मुर्मू की फांसी से झूलते हुए एक तस्वीर किसी अज्ञात मोबाइल नंबर से उनके बड़े बेटे को व्हाट्सएप पर भेजी गई। परिवार का आरोप है कि जिन लोगों से उनके पति की झड़प हुई थी, उन्हीं लोगों ने उनकी हत्या की है। परिजनों ने जब पता लगाया तो उनका शव न तो किसी अस्पताल में मिला और न ही पुलिस थाने में। परिवार ने किशनगंज के पुलिस अधीक्षक से न्याय दिलाने और शव को दिघलबैंक स्थित घर लाने की गुहार लगाई है।



























