जमीन अधिग्रहण के खिलाफ किसानों ने दिया धरना ,सौंपा मांगपत्र

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मांग पूरी नहीं होती तो करेंगे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन : अख्तरुल ईमान संवाददाता/किशनगंज

संवाददाता/किशनगंज

भारत नेपाल और बांग्लादेश सीमा से सटे सीमावर्ती किशनगंज जिले में सैन्य छावनी निर्माण को लेकर किए जा रहे जमीन अधिग्रहण के खिलाफ किसानों और राजनैतिक दलों ने आंदोलन तेज कर दिया है।किसानों के आंदोलन को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी अपना समर्थन दे रही है।

गौरतलब हो कि जिले के कोचाधामन प्रखंड के सकोर मौजा और बहादुरगंज प्रखंड नेटुआ पाड़ा मौजा में प्रस्तावित सैन्य छावनी निर्माण को लेकर लगभग 250 एकड़ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।जिसके खिलाफ बुधवार को हजारों की संख्या में किसानों ने शहर के टाऊन हॉल के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया है। मालूम हो कि भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया था।

आयोजित धरना में ए आईएमआईएम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान,विधायक सरवर आलम सहित अन्य नेता मौजूद रहे। धरना प्रदर्शन में शामिल किसान इस दौरान हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लिए हुए थे । किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की ।धरना को संबोधित करते हुए विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा कि हमारे बाप दादाओं ने बांग्लादेश या पाकिस्तान नहीं जा कर यहां की जमीन को सींचने का काम किया ।

लेकिन आज उपजाऊ जमीन छीनी जा रहा है।अख्तरुल ईमान ने कहा कि हम सेना कैंप निर्माण के खिलाफ नहीं है सैनिक छावनी का निर्माण हो लेकिन ऐसे जगह हो जहां आबादी कम है।अख्तरुल ईमान ने कहा कि आगे हमारी मांग अगर पूरी नहीं होती तो उग्र आंदोलन करेंगे ।श्री ईमान ने कहा कि कैंप का निर्माण घनी बस्ती के बीच में नहीं हो बल्कि ऐसी जमीन पर हो जहां आबादी दूर है ।इस मौके पर जिला परिषद सदस्य नासिक नदीर,इम्तियाज नसर,नसीम अंसारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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