पीएफआई मामले को लेकर एनआईए की जांच तेज, दो लोगों से सदर थाना में किया गया पुछताछ
किशनगंज /राजेश दुबे
एनआईए की टीम शुक्रवार को फिर से किशनगंज पहुंची। एनआईए की टीम के द्वारा दो व्यक्तियों से पूछताछ किया गया है।मिली जानकारी के मुताबिक नोटिस देकर दोनों को बुलाया गया था । सूत्रों के अनुसार पीएफआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम नदवी की किशनगंज से गिरफ्तारी के बाद से ही राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण द्वारा मामले में जांच तेज कर दिया गया है और इसी मामले में एक बार फिर से एनआईए की टीम किशनगंज के दो लोगों से पूछताछ के लिए पहुंची है।
हालांकि सूत्र बताते हैं दोनों व्यक्तियों को पूर्व में पूछताछ के लिए एनआईए ने अपने दफ्तर में बुलाया था, लेकिन दोनों व्यक्ति जब नहीं पहुंचे, उसके बाद राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण के अपर पुलिस अधीक्षक विपिन कुमार ने 2 जनवरी 2026 को सदर थाना में पूछताछ हेतु उपस्थित रहने का नोटिस जारी किया था।
मिली जानकारी के मुताबिक एनआईए की टीम ने मंगलवार को किशनगंज पहुंचकर पहले उन्हें अंडर सेक्शन 160 सीआरपीसी के तहत नोटिस देकर सदर थाना में पुछताछ के लिए बुलाया। इसके बाद दोनों व्यक्तियों से सदर थाने में दिल्ली से पहुंची दो सदस्यीय टीम के द्वारा पूछताछ की जा रही है।
दरअसल किशनगंज से गिरफ्तार पीएफआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम नदवी से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर संभवतः टीम फिर से किशनगंज पहुंची है और दो लोगों से पूछताछ कर रही है। जिन दो लोगो से पूछताछ किया जा रहा है उनकी पहचान महफूज आलम पिता जाहिदुर रहमान निवासी उत्तर पल्ली वार्ड संख्या 1 और एक अन्य शामिल है।
पुछताछ के लिए किशनगंज पहंची एन आई ए टीम में आईपीएस रैंक के पदाधिकारी शामिल है।हालांकि इस मामले को लेकर कोई भी कुछ बताने से परहेज कर रहा है। पुलिस के अधिकारी भी कुछ भी बताने से परहेज कर रहे है।एनआईए टीम सदर थाना में जिस कक्ष में पूछताछ कर रही है उसमें किसी को भी प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है। पुलिस को भी इससे दूर रखा गया है।प्रक्रिया को पूरी तरह से गुप्त रखा गया है।
जांच के दौरान ही एनआईए की टीम कई बिन्दुओं पर पूछताछ कर रही है।गौरतलब हो कि पीएफआई का संगठन प्रतिबंध से पूर्व किशनगंज में काफी सक्रिय था ।लेकिन 2022 में फुलवारी शरीफ मामले का उद्भेदन होने के बाद संगठन से जुड़े कई लोगों ने इससे किनारा कर लिया।सूत्र बताते हैं पूछताछ कर रहे व्यक्तियों का गिरफ्तार पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महबूब से घनिष्ठ संबंध था जिस वजह से यह पूछताछ की जा रही है।
क्या था पीएफआई का फुलवारीशरीफ मॉड्यूल
जुलाई 2022 में पटना के फुलवारी शरीफ से पीएफआई के आतंकी नेटवर्क का खुलासा हुआ था, जिसमें पीएफआई के द्वारा विदेशी फंडिंग का उपयोग करते हुए भारत में अशांति फैलाने और धार्मिक नफरत फैलाने की साजिश रच रहे थे ।
इस मामले में एनआईए ने कुल 22 लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था , जिसमे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम नदवी सहित कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वही महबूब आलम को सितंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था जिसके चार महीने बाद फिर से एन आई की टीम किशनगंज पहुंची है। पूछताछ में क्या मामला उजागर होता है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा लेकिन फिलहाल शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

























