ठाकुरगंज/कुलभूषण सिंह
किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ठाकुरगंज प्रखंड में फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) निर्माण अभियान को तेज कर दिया गया है। केंद्र सरकार की एग्री स्टैक पहल के तहत गुरुवार को ठाकुरगंज अंचल क्षेत्र के 19 स्थानों पर विशेष शिविर लगाए गए।
शिविरों की निगरानी अंचलाधिकारी मृत्युंजय कुमार और प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) अनुज कुमार ने संयुक्त रूप से की। अंचलाधिकारी ने बताया कि गुरुवार को 390 किसानों का आधार आधारित ई-केवाईसी पूरा किया गया, जबकि 138 किसानों की फार्मर आईडी बनाई गई। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर इंटरनेट सेवा बाधित रहने से कार्य में परेशानी आई, हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था कर प्रक्रिया जारी रखी गई।
अंचलाधिकारी ने बताया कि फार्मर आईडी से संबंधित कार्य कृषि विभाग एवं भूमि सुधार विभाग के समन्वय से संचालित किया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है, जिससे वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जा सकेगा।
बीएओ अनुज कुमार ने बताया कि आने वाले समय में सभी सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य होगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के राजस्व हल्का कर्मचारी, किसान सलाहकार या कृषि समन्वयक से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें। अभियान प्रखंड के सभी राजस्व गांवों में चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी में किसान की भूमि का विवरण, आधार संख्या, मोबाइल नंबर सहित अन्य जानकारियां दर्ज होंगी। इससे फसल क्षति, प्राकृतिक आपदा या अन्य आपात स्थिति में मुआवजा राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जा सकेगी। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, बीज अनुदान जैसी योजनाओं का लाभ भी बिना किसी रुकावट के मिलेगा।
फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसानों को आधार कार्ड, भूमि से संबंधित दस्तावेज (खाता-खेसरा) और सक्रिय मोबाइल नंबर साथ लाना अनिवार्य है। प्रक्रिया के तहत पहले ई-केवाईसी, फिर भूमि सत्यापन और ई-साइन के बाद फार्मर आईडी जारी की जाएगी। प्रशासन ने किसानों से समय रहते पंजीकरण कराने की अपील की है।

























