टेढ़ागाछ (किशनगंज) विजय कुमार साह
किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत खनियाबाद पंचायत में भारत–नेपाल सीमा पर स्थित चिचौरा जंगल नव वर्ष 2026 के स्वागत में उल्लास, उमंग और आपसी सौहार्द का साक्षी बना। लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह घना जंगल नए साल के मौके पर युवाओं और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। नव वर्ष के उपलक्ष्य में यहां बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने पहुंचे और दोस्तों व परिवार के साथ जश्न मनाया।नव वर्ष को लेकर खासकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
सुबह से ही चिचौरा जंगल की ओर लोगों का आना-जाना शुरू हो गया। युवाओं का समूह डीजे, साउंड सिस्टम, खाने-पीने का सामान और जरूरी सामग्री लेकर पिकनिक स्थल पर पहुंचे। जंगल के भीतर सुरक्षित स्थानों पर लोगों ने चूल्हा जलाकर तरह-तरह के व्यंजन तैयार किए। कहीं बिरयानी बनती दिखी तो कहीं कबाब, सब्जी, चाय और अन्य पारंपरिक पकवानों की खुशबू से पूरा इलाका महक उठा।
दोस्तों के साथ बैठकर भोजन करना और संगीत के साथ नए साल का जश्न मनाना लोगों के लिए यादगार पल बन गया। भारत–नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण इस अवसर पर सीमा पार के रिश्तों की भी खूबसूरत झलक देखने को मिली। नेपाल और भारत के सीमावर्ती गांवों से आए लोग एक-दूसरे को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते नजर आए। कई जगहों पर भारत और नेपाल के लोग गले मिलकर नए साल की बधाई देते दिखे।
यह दृश्य सीमावर्ती क्षेत्र में आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक जुड़ाव और सौहार्द का प्रतीक बन गया। लोगों ने कहा कि ऐसे अवसर सीमाओं से ऊपर उठकर इंसानियत और दोस्ती को मजबूत करते हैं। मौके पर बीबीगंज और फतेहपुर थाना की पुलिस टीम मौजूद रही। पुलिस ने पिकनिक मनाने आए लोगों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। शराब, हुड़दंग और किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों पर नजर रखी गई।

























