ठाकुरगंज/कुलभूषण सिंह
रेलवे गेट के समीप स्थित प्राचीन एवं आस्था के केंद्र श्री श्री सिद्धपीठ काली मंदिर में हाल ही में हुई बड़ी चोरी की घटना को लेकर जांच तेज हो गई है। इसी कड़ी में सोमवार को पटना से आई फॉरेंसिक साइंस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से जांच की। जांच अभियान का नेतृत्व कटिहार रेल पुलिस के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) प्रियव्रत ने किया। अपराधियों के सुराग तलाशने के लिए एसएसबी के श्वान दस्ते की भी मदद ली गई, जिसने मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में खोजबीन की।
फॉरेंसिक टीम ने मंदिर के गर्भगृह, दान पेटी, प्रवेश-निकास द्वार सहित कई अहम स्थानों से तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए। इस दौरान फिंगरप्रिंट, फुटप्रिंट समेत अन्य वैज्ञानिक पहलुओं की गहन जांच की गई, ताकि चोरी में शामिल आरोपियों तक शीघ्र पहुंचा जा सके।
जांच के दौरान ठाकुरगंज थाना, राजकीय रेल थाना, एसएसबी के अधिकारी एवं जवान मौके पर मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया में सहयोग किया। मंदिर प्रबंधन की ओर से भी जांच में हरसंभव सहयोग दिया गया। मंदिर के पुजारी देवकांत पांडे, कमिटी के सचिव नरेश ठाकुर, उपाध्यक्ष मोहितोष राहा, कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार अधिकारी, सदस्य नंता राहा, उत्तम रक्षित सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे और अधिकारियों को आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराईं।
कटिहार रेल पुलिस के डीएसपी प्रियव्रत ने बताया कि फॉरेंसिक जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही चोरी की घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
गौरतलब है कि चोरी की घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। वहीं पुलिस प्रशासन ने मंदिर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने तथा नियमित गश्ती बढ़ाने का भरोसा दिया है।
उल्लेखनीय है कि ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित इस प्राचीन काली मंदिर में गुरुवार देर रात अज्ञात चोरों ने पूरी योजना के साथ चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने मां काली की प्रतिमा पर चढ़ाए गए कीमती आभूषणों में एक चांदी की माला, चार चांदी के बाजूबंद, दो चांदी की पायल (करीब 400 ग्राम चांदी), एक सोने की नथिया और एक सोने का मांगटीका (लगभग 7 ग्राम सोना) चुरा लिया। इसके साथ ही चोरों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया। वारदात से पहले मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को ब्लैक टेप से ढक दिया गया और गर्भगृह में लगे डीवीआर को उखाड़कर अपने साथ ले जाया गया।
निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर के पास से करीब ढाई फीट लंबा 16 एमएम का लोहे का रॉड बरामद किया गया, जबकि मंदिर के मुख्य द्वार और गर्भगृह के गेट पर लगे कुल चार ताले गायब पाए गए। इससे स्पष्ट होता है कि चोर पूरी तैयारी और पूर्व योजना के साथ मंदिर में दाखिल हुए थे।
इस मामले में मंदिर के पुजारी देवकांत पांडे ने ठाकुरगंज रेलवे थाना में लिखित आवेदन देकर 19 दिसंबर 2025 की रात हुई चोरी की घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

























