किशनगंज/अब्दुल करीम
डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय (डीकेएसी) परिसर में शनिवार को लाभार्थी किसानों के लिए इनपुट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आईसीएआर–आईआईएबी प्रायोजित एससीएसपी परियोजना “सीमांचल, बिहार में अनुसूचित जाति किसानों की सतत आजीविका हेतु जलवायु परिवर्तन अनुकूलन को बढ़ावा देकर उनकी सहनशीलता का संवर्धन” के अंतर्गत आयोजित किया गया। यह परियोजना डॉ. कृष्णा डी. के. के नेतृत्व में उनकी टीम द्वारा डीकेएसी, किशनगंज में क्रियान्वित की जा रही है, जो सीमांचल क्षेत्र के चार जिलों को आच्छादित करती है।
कार्यक्रम का उद्देश्य जलवायु-सहनीय कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने हेतु आवश्यक कृषि इनपुट उपलब्ध कराकर अनुसूचित जाति किसानों की अनुकूलन क्षमता एवं आजीविका को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री विशाल राज, आईएएस, जिलाधिकारी, किशनगंज उपस्थित रहे।
उन्होंने लाभार्थी किसानों से संवाद किया तथा सतत ग्रामीण विकास के लिए वैज्ञानिक कृषि एवं जलवायु अनुकूलन के महत्व पर बल दिया।कार्यक्रम में डॉ. के. सत्यनारायण, एसोसिएट डीन-सह-प्राचार्य, डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, अन्य गणमान्य अतिथियों, परियोजना दल के सदस्यों तथा जिला कृषि पदाधिकारी, किशनगंज की उपस्थिति रही।
उपस्थित अतिथियों ने क्षेत्र के लघु एवं सीमांत अनुसूचित जाति किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु महाविद्यालय एवं परियोजना दल के प्रयासों की सराहना की तथा इस प्रकार की समावेशी एवं प्रभावोन्मुखी पहलों को निरंतर समर्थन देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

























