उच्च कुल के अभिमान से मुक्ति ।
वृद्धावस्था मैं आचार्य रामानुज एक ब्राह्मण शिष्य का सहारा लेकर गंगा स्नान के लिए जाते थे । लौटते वक्त वह एक वंचित विद्यार्थी के कंधे पर हाथ रख लेते थे ।उनके इस व्यवहार पर कुछ रूढ़िवादी तिल मिलाते थे । उनमें से एक न एक दिन उनसे कुछ रुष्ट होकर कह ही डाला आचार्य गंगा … Read more